छापेमारी के बाद बिगड़ी तबीयत, अनिल शिंदे को हार्ट अटैक, अहिल्यानगर में चुनाव पर असर की अटकलें
Anil Shinde Heart Attack: अहिल्यानगर में शिवसेना शिंदे गुट के जिला प्रमुख अनिल शिंदे को हार्ट अटैक आने और उनके घर हुई छापेमारी से चुनाव पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Anil Shinde Heart Attack:अहिल्यानगर में शिवसेना शिंदे गुट (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar Election News: शिवसेना (शिंदे गुट) के जिला प्रमुख अनिल शिंदे को हार्ट अटैक आने के बाद इसका चुनावी असर क्या होगा, इस पर अब विपक्षी गठबंधन की नजरें टिकी हुई हैं। अनिल शिंदे स्वयं वार्ड क्रमांक 15 से उम्मीदवार हैं और वे शिवसेना शिंदे गुट के सभी उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार की रणनीति भी संभाल रहे थे। सोमवार देर रात चुनाव प्रणाली की एक जांच टीम ने अचानक उनके घर पर छापेमारी की। उस समय शिंदे अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थे।
अचानक हुई इस कार्रवाई से घर की महिलाएं और बच्चे घबरा गए। बताया जा रहा है कि छापेमारी में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। हालांकि, सूत्रों के अनुसार अनिल शिंदे ने संबंधित अधिकारी से इस कार्रवाई को लेकर जवाब भी मांगा। इसी दौरान बातचीत के बीच उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। अनिल शिंदे लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित हैं और नवंबर में भी उन्हें इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ा था। नगर निकाय चुनाव में महायुति टूटने के बाद शिंदे गुट शिवसेना अकेले ही चुनावी मैदान में उतरी है।
अस्पताल परिसर में भारी भीड़
शिवसेना को कई वार्डों में उम्मीदवार खोजने पड़े। कुछ स्थानों पर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के आवेदन खारिज हो जाने के कारण उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना पड़ा। इन सभी परिस्थितियों ने अनिल शिंदे पर भारी मानसिक दबाव बना दिया। इसके अलावा सोमवार रात उनके घर पर हुई छापेमारी ने तनाव और बढ़ा दिया, जिससे उन्हें हार्ट अटैक आया। उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर वेंटिलेटर पर रखा गया। इस दौरान शिवसेना सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवार, नेता और कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे। देर रात तक अस्पताल परिसर में भारी भीड़ देखी गई।
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अब यह सवाल शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या इस घटना से अंतिम चरण तक सक्रिय चुनाव प्रचार कर रही भाजपा-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को झटका लगेगा और क्या शिंदे के घर हुई छापेमारी व उनकी तबीयत बिगड़ने से शिवसेना को सहानुभूति का लाभ मिलेगा।
शिंदे को इलाज के लिए पुणे किया गया शिफ्ट
ब्लड प्रेशर में अचानक तेज गिरावट के कारण अनिल शिंदे की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे परिजन चिंतित हैं। परिवार ने आगे के इलाज के लिए उन्हें पुणे शिफ्ट करने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्हें पुणे के रूबी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
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प्रशासन और गठबंधन पर जताया गुस्सा
परिवार ने प्रशासन और सत्तारूढ़ गठबंधन पर नाराजगी जताई है। अनिल शिंदे की पत्नी और पूर्व मेयर शीला शिंदे ने कहा कि यह घटना बेहद आक्रोशजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अनिल शिंदे को कुछ होता है, तो वे छापेमारी करने वाले अधिकारियों और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों को नहीं छोड़ेंगी। शीला शिंदे ने इस पूरे मामले के लिए भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया।
