अहिल्यानगर में 8 से 22 मार्च तक मनाया जाएगा ‘जल महोत्सव’, ग्राम पंचायत स्तर पर होंगे कार्यक्रम
Ahilyanagar Jal Mahotsav: अहिल्यानगर जिले में 8 से 22 मार्च तक ग्राम पंचायत स्तर पर ‘जल महोत्सव’ मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Jal Jeevan Mission (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar Water Festival: ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक टिकाऊ और मजबूत बनाने के साथ-साथ सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद भंडारी ने जानकारी दी कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 8 मार्च से 22 मार्च तक ‘जल महोत्सव’ मनाया जाएगा।
भंडारी ने बताया कि नदी उत्सवों की तर्ज पर जल उत्सव की परंपरा विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इसी सोच के तहत केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पेयजल विभाग और नीति आयोग के सहयोग से वर्ष 2024 में 20 महत्वाकांक्षी जिलों में पायलट आधार पर जल उत्सव शुरू किया गया था। अब इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है।
प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 40 लीटर पानी की आपूर्ति
जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक व्यक्तिगत नल कनेक्शन के माध्यम से प्रति व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 55 लीटर शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण पानी उपलब्ध कराना है।
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पानी आपूर्ति योजनाओं के तहत जिन योजनाओं में पहले प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 40 लीटर पानी की आपूर्ति हो रही थी, उन्हें अब बढ़ाकर 55 लीटर प्रतिदिन करने के लिए पुनः जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा जिले के स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, सहायता प्राप्त आश्रम स्कूलों और सरकारी छात्रावासों में भी नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दूरदराज और आदिवासी वाडियों-पाड़ों के लिए सौर ऊर्जा आधारित नल जल आपूर्ति योजनाएं भी लागू की जा रही हैं।
तीन स्तरों पर होगा जल महोत्सव
जल महोत्सव का आयोजन जिला, तालुका और ग्राम पंचायत-इन तीन स्तरों पर किया जाएगा। गांव और पंचायत समिति स्तर पर ‘लोकजल उत्सव’ आयोजित किया जाएगा, जो पूरी तरह से जनभागीदारी पर आधारित होगा।
महोत्सव के दौरान होने वाली प्रमुख गतिविधियां
- गांव में ग्राम सभा और जल समिति के माध्यम से व्यावहारिक कार्यों पर जोर
- महिलाओं द्वारा फील्ड टेस्टिंग किट की मदद से पानी की गुणवत्ता की जांच
- जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की पहल
- जल स्रोतों का पुनर्जीवन (रिजुवेनेशन) और स्वच्छता
- जल आपूर्ति योजनाओं का औपचारिक हस्तांतरण और समुदाय की जिम्मेदारी
- ग्राम पंचायत विकास योजना में जल प्रबंधन को शामिल करना
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जल महोत्सव का उद्देश्य
गांव और पंचायत समिति स्तर पर सार्वजनिक जल महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जो पूरी तरह से जनभागीदारी पर आधारित होगा। इसका उद्देश्य पीने के पानी को सामाजिक और सांस्कृतिक प्राथमिकता देना, स्थानीय जल उत्सव को संस्थागत स्वरूप देना, राज्य से लेकर गांव स्तर तक विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाना और पानी की गुणवत्ता, सौर ऊर्जा तथा मरम्मत-रखरखाव के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार करना है।
साथ ही, जल सेवाओं को स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। यह जानकारी ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र देसले और कार्यकारी अभियंता हितेंद्र चव्हाण ने दी।
