उज्जैन: बासी रोटी और कचरे वाली टंकी…बड़नगर हॉस्टल में मिला गंदगी का अंबार, अधीक्षक को किया पदमुक्त
Ujjain Hostel Negligence: उज्जैन के बड़नगर में छात्रावास की खुली पोल, बच्चों को खिलाया जा रहा था बासी आटे का खाना, टंकियों में मिला कचरा, निरीक्षण के बाद अधीक्षक पदमुक्त।
- Written By: सजल रघुवंशी
उज्जैन में होस्टल की बड़ी लापरवाही (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ujjain Badnagar Hostel Negligence: उज्जैन जिले के बड़नगर स्थित राजा शंकरशाह रघुनाथशाह सीनियर बालक छात्रावास में बच्चों की सुविधाओं और स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आई है। जनप्रतिनिधियों के औचक निरीक्षण के दौरान छात्रावास की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
निरीक्षण में पीने के पानी की टंकी में कचरा, शौचालयों में गंदगी, कमरों में बिजली-पंखों की अव्यवस्था और रसोई में बासी आटे से भोजन तैयार किए जाने जैसी गंभीर खामियां सामने आईं। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छात्रावास अधीक्षक को पदमुक्त कर दिया है।
औचक निरीक्षण में सामने आई बदहाल व्यवस्थाएं
जिला पंचायत सदस्य रामप्रसाद पंड्या, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि उमराव सिंह राठौर और भारतीय जनता पार्टी नेता गजेंद्र सिंह राजावत ने छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पीने के पानी की टंकी में भारी मात्रा में कचरा जमा मिला, जबकि शौचालयों में गंदगी का अंबार लगा हुआ था। जनप्रतिनिधियों ने पाया कि भीषण गर्मी के बावजूद कई कमरों में लाइट और पंखों की समुचित व्यवस्था नहीं थी। छात्रों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखकर उन्होंने मौके पर ही नाराजगी जताई।
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रसोई में बासी आटे से बन रहा था भोजन
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर मामला छात्रावास की रसोई में सामने आया। जनप्रतिनिधियों ने देखा कि बच्चों के लिए बासी गुंधे हुए आटे से रोटियां तैयार की जा रही थीं। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी कई खामियां मिलीं। जनप्रतिनिधियों ने इसे बच्चों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ बताते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत मौके पर बुलाया। इसके बाद पूरे मामले का पंचनामा तैयार कराया गया, ताकि लापरवाही के सभी तथ्यों को रिकॉर्ड में लिया जा सके।
पंचनामा के बाद कार्रवाई, नए प्रभारी को सौंपी जिम्मेदारी
पंचनामा रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छात्रावास अधीक्षक नंदकिशोर चौहान को पदमुक्त कर दिया। साथ ही छात्रावास की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए हरजीत सिंह पंजाबी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
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प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि छात्रावास की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा सामने न आए।
