उज्जैन: महाकाल मंदिर परिसर स्थित गुरु बृहस्पतेश्वर मंदिर में 1100 किलो फलों का भव्य फल उत्सव
Guru Brihaspateshwar Puja: उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में अधिक पुरुषोत्तम मास के चौथे बृहस्पतिवार पर गुरु बृहस्पतेश्वर भगवान की विशेष पूजा, महाआरती और 1100 किलो फलों से भव्य फल उत्सव मनाया गया।
- Reported By: अजय नीमा
गुरु बृहस्पतेश्वर भगवान
Mahakal Guru Brihaspateshwar Fruit Festival: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में अधिक पुरुषोत्तम मास के चौथे बृहस्पतिवार पर गुरु बृहस्पतेश्वर भगवान का विशेष पूजन-अर्चन और महाआरती श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में संपन्न हुई। इस अवसर पर मंदिर परिसर में 1100 किलो फलों से भव्य फल उत्सव सजाया गया, जिसने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस विशेष आयोजन के साक्षी बने और भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
मंदिर के पुजारी नवनीत गुरु ने बताया कि अधिक पुरुषोत्तम मास के विशेष अवसर पर भगवान गुरु बृहस्पतेश्वर का विभिन्न रसों, सुगंधित द्रव्यों और पवित्र जल से अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद भगवान का आकर्षक श्रृपरिसर में सजाए गए फलों के इस भव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु इस अनूठे आयोजन को देखकर भाव-विभोर नजर आए।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया
महाकालेश्वर मंदिर में महाआरती के बाद भगवान महाकाल को अर्पित महाभोग और प्रसाद श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। भक्तों ने श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण कर भगवान गुरु बृहस्पतेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना रहा तथा भगवान के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
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पुरुषोत्तम मास का सनातन धर्म में विशेष महत्व
पुजारी नवनीत गुरु ने बताया कि अधिक पुरुषोत्तम मास को सनातन धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है। इस दौरान किए जाने वाले पूजन, दान और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष पुण्य फल माना जाता है। इसी कड़ी में प्रत्येक बृहस्पतिवार को गुरु बृहस्पतेश्वर भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालुओं ने भगवान से सुख, समृद्धि, परिवार की खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना करते हुए विशेष पूजा में सहभागिता की। यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सनातन परंपराओं का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।
