

Pritam Lodhi Controversial Statement: शिवपुरी के खनियांधाना में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने के विरोध में आयोजित सभा के बाद पिछोर विधायक प्रीतम लोधी का कथित बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में विधायक महिलाओं को लेकर गंभीर दावे करते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें फंसाने के लिए महिलाओं को उनके आसपास भेजते हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों और उसकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
20 अगस्त को खनियांधाना में आयोजित सभा के दौरान विधायक प्रीतम लोधी ने कथित तौर पर कहा कि कुछ लोग खुद सामने आने के बजाय महिलाओं को उनके पास भेजते हैं। वायरल वीडियो में वह दावा करते सुनाई दे रहे हैं कि महिलाएं उनके आसपास आकर उल्टी-सीधी बातें करती हैं और इस दौरान कुछ लोग मोबाइल लेकर आसपास खड़े रहते हैं। विधायक के मुताबिक, उनका मकसद उनके साथ बातचीत या विवाद का वीडियो रिकॉर्ड करना होता है, ताकि बाद में किसी बयान या प्रतिक्रिया को आधार बनाकर उन्हें फंसाने की कोशिश की जा सके। उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि ऐसी महिलाओं के आसपास पहुंचने पर उन्हें अंदाजा हो जाता है कि मामला सामान्य नहीं है।
वायरल वीडियो में विधायक कथित तौर पर एक महिला का जिक्र करते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि उन्हें इस तरह की कथित साजिश के बारे में जानकारी दी गई थी। उनके अनुसार, कुछ लोगों की ओर से महिलाओं को उनके पास भेजने की कोशिश की जाती है और उनसे बातचीत बढ़ाने या उन्हें अपने प्रभाव में लेने का प्रयास किया जाता है। विधायक ने कथित तौर पर यह भी कहा कि कई बार महिलाओं को इस उद्देश्य से उनके आसपास भेजा जाता है कि वे किसी तरह उन्हें बातचीत में उलझाएं और बाद में उसका इस्तेमाल किया जा सके। वीडियो में उन्होंने महिलाओं के व्यवहार को लेकर भी टिप्पणी की है, जिस पर सोशल मीडिया में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
प्रीतम लोधी के कथित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे विधायक के गंभीर आरोप के तौर पर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनके बयान की भाषा और महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणियों पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल वायरल वीडियो के संदर्भ, पूरे बयान और विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वीडियो में कही गई बातों को आरोप और कथित बयान के तौर पर ही देखा जा रहा है। आने वाले समय में विधायक या संबंधित पक्ष की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।