

Kailaras Sugar Factory Reopening: मुरैना जिले के कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर जौरा से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय का आमरण अनशन लगातार जारी है। 15 अगस्त से शुरू हुए इस आंदोलन को कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों का समर्थन मिल चुका है।
शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी कैलारस पहुंचकर विधायक के अनशन में शामिल होंगे। उनके पहुंचने से कारखाने का मुद्दा राजनीतिक तौर पर और गरमाने की संभावना है। कांग्रेस का कहना है कि कारखाना किसानों और क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ा हुआ है।
वहीं सरकार की ओर से कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने कहा है कि कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा संचालित करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 19 अगस्त 2025 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कारखाने की जमीन के उपयोग को लेकर निर्णय लिया गया था। इसके तहत जमीन का उपयोग उद्योगों की स्थापना और रोजगार बढ़ाने के लिए करने की योजना बनाई गई थी और जमीन एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित की गई। मंत्री के मुताबिक मुख्यमंत्री ने अब कारखाना दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कृषि विभाग कैलारस और आसपास गन्ने का उत्पादन बढ़ाने पर भी काम करेगा, ताकि मिल को पर्याप्त कच्चा माल मिल सके।
सरकार अब कारखाने के संचालन में निजी क्षेत्र की भागीदारी तलाश रही है। कृषि मंत्री के अनुसार एमएसएमई विभाग देश के बड़े शक्कर मिल संचालकों से प्रस्ताव आमंत्रित करने के लिए जल्द ईओआई जारी करने की प्रक्रिया में है। योजना के तहत कारखाने के संचालन के लिए जरूरी जमीन अलग रखी जाएगी, जबकि शेष भूमि पर एमएसएमई इकाइयों के लिए औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने का प्रस्ताव है। मध्य प्रदेश सरकार का मानना है कि इससे शक्कर उद्योग के साथ क्षेत्र में छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार के अनुसार कारखाना दोबारा शुरू होने से गन्ना किसानों को स्थानीय बाजार मिलेगा और गन्ना उत्पादन बढ़ने से उनकी आय में वृद्धि की संभावना है। कारखाने और प्रस्तावित औद्योगिक क्लस्टर से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। दूसरी ओर विधायक पंकज उपाध्याय के अनशन को समर्थन देने अब तक सांसद अशोक सिंह, फूल सिंह बरैया, जयवर्धन सिंह, धर्मेंद्र चौहान, अवनीश भार्गव, दिनेश गुर्जर, देवेंद्र सखवार, केशव देसाई, सुरेश राजे, घनश्याम सिंह, मुकेश मल्होत्रा समेत कई नेता कैलारस पहुंच चुके हैं। पूर्व मंत्री बालेन्दु शुक्ला और अन्य कांग्रेस नेताओं के समर्थन से आंदोलन को व्यापक राजनीतिक समर्थन मिल रहा है। शुक्रवार को जीतू पटवारी की मौजूदगी के बाद सरकार पर जल्द ठोस निर्णय लेने का दबाव और बढ़ सकता है।