

Highlights :
शिवपुरी के बैराड़ में हनुमान मंदिर के सामने से कब्रिस्तान हटाने की मांग उठी।
विहिप-बजरंग दल ने तहसीलदार और थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन।
2022 में भी दिया गया था ज्ञापन, अब भूमि का आवंटन निरस्त करने की मांग।
नवरात्र में पंडालों, मंदिरों और विसर्जन मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाने की अपील।
गरबा आयोजनों में पहचान पत्रों की जांच और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग।
Shivpuri Cemetery Relocation Demand : शिवपुरी जिले के बैराड़ नगर में हनुमान मंदिर के सामने कब्रिस्तान के लिए आवंटित जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने भूमि का आवंटन निरस्त कर कब्रिस्तान को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।
दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार दृगपाल सिंह और थाना प्रभारी सुरेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आगामी श्रीनवदुर्गा महोत्सव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन सौंपने से पहले कार्यकर्ता ठाकुर बाबा मंदिर पर एकत्रित हुए। यहां से बाइक रैली निकालकर सभी तहसील कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं। कार्यकर्ताओं ने हनुमान कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर के सामने और शासकीय तालाब के डूब क्षेत्र में कब्रिस्तान के लिए आवंटित भूमि का दोबारा निरीक्षण कराने की मांग की।
विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के मुताबिक, इस मामले में 21 जून 2022 को भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था। उस समय तत्कालीन प्रशासन ने निर्माण कार्य रुकवा दिया था, लेकिन भूमि को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का निर्णय नहीं हुआ। संगठनों ने अब दोबारा प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर दिलाते हुए भूमि का आवंटन निरस्त करने और कब्रिस्तान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि जमीन पथरीली होने के कारण शवों को दफनाने में परेशानी हो सकती है। बारिश के दौरान जलभराव होने से शासकीय तालाब की स्वच्छता और पर्यावरण प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई। संगठन ने धार्मिक आस्था, स्थानीय जनभावनाओं और क्षेत्र की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए भूमि आवंटन निरस्त करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांग पर जल्द निर्णय नहीं होने पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
बजरंग दल ने 10 से 20 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले श्रीनवदुर्गा महोत्सव को लेकर भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसमें माता रानी के पंडालों, धार्मिक स्थलों और विसर्जन मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की गई। संगठन ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को पहले से आवश्यक इंतजाम करने चाहिए।
ज्ञापन में पंडालों के आसपास अश्लील गीत-संगीत, नशाखोरी, छेड़छाड़ और असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की गई। इसके अलावा धार्मिक आयोजनों के प्रमुख मार्गों और मंदिरों के आसपास मीट-मांस की दुकानों के संचालन तथा खुले में मांस बिक्री पर रोक लगाने की बात कही गई। संगठन ने इन मांगों को नवरात्र के दौरान धार्मिक आयोजनों की व्यवस्था और सुरक्षा से जोड़कर प्रशासन के सामने रखा।
बजरंग दल ने गरबा आयोजनों में प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार आधार कार्ड सहित अन्य पहचान पत्रों की जांच की व्यवस्था करने की मांग भी की। संगठन का कहना है कि आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। बजरंग दल बैराड़ के प्रिंस प्रजापति ने भी संगठन की मांगों को लेकर अपनी बात रखी। अब भूमि आवंटन और नवरात्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के अगले कदम पर नजर रहेगी।