खंडवा में 25 साल पुराने गणेश पंडाल पर विवाद, हटाने को लेकर प्रशासन और बजरंग दल आमने-सामने, आंदोलन की चेतावनी

Khandwa Bajrang Dal : खंडवा के गौशाला चौराहे पर 25 साल पुराने गणेश पंडाल को हटाने के प्रशासन के निर्देश पर विवाद बढ़ गया है। बजरंग दल ने कार्रवाई पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
Khandwa Administration Directs Removal Ganesh Pandal
बजरंग दलफोटो सोर्स- नवभारत
Published on: 
Updated on: 

Khandwa Ganesh Pandal Controversy : खंडवा में गणेश उत्सव के दौरान पंडालों की व्यवस्था और यातायात को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। रविवार शाम सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम गौशाला चौराहे पहुंची। यहां मुख्य मार्ग पर लगाए जा रहे गणेश पंडाल को लेकर आयोजक मंडल को समझाइश दी गई और सड़क से हटकर वैकल्पिक स्थान पर पंडाल लगाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का कहना है कि यातायात बाधित करने वाले पंडालों को अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रशासन की कार्रवाई के दौरान भवानी माता नवयुवक गणेश मंडल के सदस्यों ने अधिकारियों को पुराने फोटो एलबम दिखाए। मंडल के सदस्यों का कहना था कि गौशाला चौराहे पर इसी स्थान पर पिछले करीब 25 वर्षों से गणेश पंडाल लगाया जा रहा है। उनके मुताबिक, हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां भगवान गणेश की आराधना और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। आयोजक मंडल ने प्रशासन से परंपरागत स्थान पर पंडाल लगाने की अनुमति देने की मांग की।

वैकल्पिक स्थानों पर भी हुई चर्चा

जिला प्रशासन और गणेश मंडल के बीच पंडाल को आसपास की खाली जगह पर स्थानांतरित करने को लेकर चर्चा हुई। अधिकारियों ने पयजाई गेट के पास, गौशाला के सामने और आसपास के अन्य स्थानों का निरीक्षण कर विकल्प तलाशे। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ मुख्य मार्ग पर यातायात भी सुचारू बना रहे।

सुबह 10 बजे तक पंडाल हटाने की मोहलत

प्रशासन ने आयोजक मंडल को सोमवार, 7 सितंबर की सुबह 10 बजे तक सड़क से पंडाल हटाकर वैकल्पिक स्थान पर लगाने की मोहलत दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तय समय तक व्यवस्था में बदलाव नहीं किया गया तो पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम कार्रवाई करते हुए पंडाल को हटाएगी। इसके साथ ही शहर के अन्य स्थानों पर लगाए जा रहे गणेश पंडालों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

बजरंग दल और VHP ने जताया विरोध

प्रशासन की कार्रवाई को लेकर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने विरोध जताया है। विश्व हिंदू परिषद के खंडवा एवं खरगोन विभाग संगठन मंत्री वासुदेव पंडया ने कहा कि शहर में कई स्थानों पर लंबे समय से गणेश पंडाल लगाए जाते रहे हैं। उनका कहना है कि पंडाल हटाने या छोटा करने के निर्देश देने से पहले जनप्रतिनिधियों, हिंदू संगठनों और गणेश पंडाल समितियों के साथ बैठक कर व्यवस्था तय की जानी चाहिए।

कार्रवाई हुई तो आंदोलन की चेतावनी

वासुदेव पंडया ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से कुछ पंडाल समितियों के सदस्यों को कार्रवाई और एफआईआर की चेतावनी दी जा रही है। उनके मुताबिक, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शहर के अलग-अलग पंडालों में पहुंचकर समिति सदस्यों से संपर्क किया है और प्रशासन की कार्रवाई की स्थिति में उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव परंपरागत रूप से मनाया जाता रहा है और संगठन पंडाल समितियों के साथ है। कार्रवाई होने पर संगठन ने आंदोलन और सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

Khandwa Administration Directs Removal Ganesh Pandal
सागर जहरीली शराब कांड: 15 मौतों के बाद अब तक क्या हुई कार्रवाई? 25 से ज्यादा पर FIR, 10 गिरफ्तार

पहले ज्वाला देवी मंदिर के पास लगता था पंडाल

स्थानीय लोगों के अनुसार, गौशाला चौराहे पर लगाया जाने वाला यह पंडाल पहले ज्वाला देवी मंदिर के पास खाली स्थान पर लगाया जाता था। बाद में मंदिर के समीप की जमीन का आवंटन अन्य कार्यों के लिए होने के बाद पंडाल को चौराहे के पास लगाया जाने लगा। अब प्रशासन यातायात व्यवस्था का हवाला देते हुए पंडालों के लिए वैकल्पिक स्थान तलाश रहा है। ऐसे में गणेश उत्सव समितियों और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ने की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

Navbharat Live
navbharatlive.com