सागर में आर्मी ऑफिस के सामने होटल पर बवाल; मिडास पर सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप
Army Wrote Letter To Nagar Palika: सागर में बड़ा विवाद, सेना के दफ्तरों के सामने बने होटल मिडास पर मिलिट्री कमान ने जताई लिखित आपत्ति, मकरोनिया पालिका और प्रदूषण बोर्ड ने शुरू की जांच।
- Reported By: सरजू पटेल | Edited By: सजल रघुवंशी
होटल मिडास सागर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Midas Hotel Controversy Sagar: सागर में एक होटल अब बड़े विवाद के केंद्र में आ गया है। मामला सिर्फ नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। मकरोनिया सिविल लाइन रोड स्थित होटल मिडास पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
आरोप है कि होटल का निर्माण जरूरी नियमों और विभागीय अनुमति के बिना किया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि होटल के ठीक सामने सेना से जुड़े संवेदनशील कार्यालय मौजूद हैं। ऐसे में अब जांच शुरू हो गई है।
एक बार फिर सुर्खियों में होटल मिडास
जानकारी के मुताबिक सागर के मकरोनिया सिविल लाइन रोड स्थित होटल मिडास एक बार फिर सुर्खियों में है। होटल निर्माण और संचालन को लेकर कई विभागों के नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से जरूरी अनुमति और अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी एनओसी लेने की प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका सामने आई है।
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होटल के सामने सेना से जुड़े संवेदनशील कार्यालय स्थित
गौरतलब है कि, सबसे गंभीर मामला सुरक्षा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। होटल के सामने सेना से जुड़े संवेदनशील कार्यालय स्थित हैं। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि होटल की ऊपरी मंजिलों से सैन्य गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है।
सेना ने मकरोनिया नगर पालिका को भेजी लिखित आपत्ति
इसी मुद्दे को लेकर सेना की ओर से मकरोनिया नगर पालिका को लिखित आपत्ति भेजी गई है। नगर पालिका के अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की बात कही जा रही है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमित को लेकर भी सवाल
दूसरी ओर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि होटल ने निर्माण और संचालन शुरू करने से पहले आवश्यक पर्यावरणीय अनुमति नहीं ली। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय संचालक अरविंद सावले का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो होटल प्रबंधन के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
