महिंद्रा फाइनेंस के ऑफिस में आत्मदाह करने वाले युवक ने तोड़ा दम, बचाने में झुलसे मैनेजर को किया गया एयरलिफ्ट
Mahindra Finance Makaroniya Case: सागर में महिंद्रा फाइनेंस ऑफिस आत्मदाह मामले में नीलेश जैन की भोपाल एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई है। झुलसे ब्रांच मैनेजर अतुल सिंह दिल्ली एयरलिफ्ट किए गए हैं।
- Reported By: सरजू पटेल | Edited By: प्रीतेश जैन
मरीज को इलाज के लिए ले जाते हुए (फोटो सोर्स- नवभारत)
Sagar Self Immolation Case: सागर जिले के मकरोनिया स्थित महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में खुद को आग लगाने वाले कार मालिक नीलेश जैन की भोपाल के एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई है। लगभग 90 फीसदी झुलस चुके नीलेश ने जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए दम तोड़ दिया।
बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जब नीलेश का शव उनके गृह ग्राम राहतगढ़ लाया गया, तो वहां का माहौल गमगीन हो गया। अंतिम यात्रा में शामिल परिजनों, समाजजनों और स्थानीय लोगों में फाइनेंस कंपनी के खिलाफ भारी आक्रोश और गहरा रोष देखने को मिला।
2 किस्तें बकाया होने पर जब्त की कार
परिजनों ने महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों और रिकवरी एजेंटों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि नीलेश जैन ने कंपनी से कार फाइनेंस करवाई थी। आर्थिक तंगी के चलते केवल दो किस्तें ही बकाया रह गई थीं। इसके बावजूद कंपनी के कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रखकर जबरन उनकी कार जब्त कर ली। नीलेश पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों का दावा है कि इसी मानसिक प्रताड़ना और समाज में हुई बदनामी से आहत होकर नीलेश ने यह खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया।
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बचाने में झुलसे मैनेजर को किया गया एयरलिफ्ट
इस घटना का दूसरा पहलू भी बेहद गंभीर है। जब नीलेश ने कार्यालय में खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाई, तो वहां मौजूद ब्रांच मैनेजर अतुल सिंह तोमर ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया था। इस कोशिश में ब्रांच मैनेजर भी आग की चपेट में आ गए और लगभग 60 प्रतिशत तक झुलस गए। सागर में शुरुआती इलाज के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बुधवार को उन्हें ढाना हवाई पट्टी से ‘एयर एंबुलेंस’ के जरिए तत्काल दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया है, जहां वे फिलहाल वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
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CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने मकरोनिया थाने में मर्ग कायम कर पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। इसके साथ ही फाइनेंस कंपनी के ऑफिस के सीसीटीवी फुटेज और मृतक के मोबाइल फोन व अन्य दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया है। जांच के निष्कर्षों और बयानों के आधार पर फाइनेंस कंपनी के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
