

Sagar Girls College Student Protest : सागर के गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम को लेकर सोमवार को छात्राओं ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्राओं के सप्लीमेंट्री और फेल होने से नाराज छात्राएं कॉलेज के बाहर धरने पर बैठ गईं। छात्राओं ने परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए दोबारा जांच और कापियों के पुनर्मूल्यांकन की मांग की। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। बाद में छात्राएं अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और ज्ञापन सौंपा।
जानकारी के अनुसार बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा में करीब 1316 छात्राएं शामिल हुई थीं। इनमें से करीब 999 छात्राओं को सप्लीमेंट्री आई है, जबकि 158 छात्राएं फेल हुई हैं। इतनी बड़ी संख्या में सप्लीमेंट्री और फेल होने का मामला सामने आने के बाद छात्राओं और अभिभावकों में नाराजगी फैल गई। छात्राओं ने परिणाम की निष्पक्ष तरीके से दोबारा जांच कराने की मांग उठाई।
सोमवार को बड़ी संख्या में छात्राएं गर्ल्स डिग्री कॉलेज के बाहर एकत्रित हुईं और धरने पर बैठ गईं। छात्राओं का कहना था कि उन्होंने तैयारी के साथ परीक्षा दी थी, लेकिन परिणाम में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सप्लीमेंट्री आने से उन्हें परिणाम को लेकर संदेह है। छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन से मामले की जांच कराने और परीक्षा परिणाम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कॉलेज के प्राचार्य आनंद तिवारी गेट पर पहुंचे। छात्राओं और उनके साथ आए अभिभावकों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान बहस की स्थिति भी बनी, जिसके बाद प्राचार्य को कैबिन में भेज दिया गया। हंगामे की सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति पर नजर रखी। पुलिस की मौजूदगी में छात्राओं ने अपनी मांगें कॉलेज प्रबंधन के सामने रखीं।
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने परीक्षा परिणाम की दोबारा जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि यदि मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसे दूर किया जाना चाहिए। छात्राओं ने परीक्षा की कापियों का पुनर्मूल्यांकन कराने और इसके लिए किसी तरह की फीस नहीं लेने की मांग भी रखी। इसके बाद छात्राएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
कॉलेज प्राचार्य आनंद तिवारी ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। टीम छात्राओं के परीक्षा परिणाम और संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं को सप्लीमेंट्री आने के पीछे क्या कारण रहा। फिलहाल छात्राओं की मांग और परीक्षा परिणाम को लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।