8 अगस्त से थम सकते हैं एमपी में बसों के पहिए! अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, लाखों यात्रियों पर पड़ेगा असर
MP Bus Fare Hike : मध्यप्रदेश के निजी बस ऑपरेटरों ने 8 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन बस हड़ताल का ऐलान किया है। सागर में हुई बैठक में किराया बढ़ाने समेत आठ मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी दी गई।
- Reported By: सरजू पटेल | Edited By: प्रीतेश जैन
बस ऑपरेटर्स की मीटिंग (फोटो सोर्स- नवभारत)
MP Bus Strike: अगर आप 8 अगस्त के बाद मध्यप्रदेश में बस से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। प्रदेश के निजी बस ऑपरेटरों ने 8 अगस्त से अनिश्चितकालीन बस हड़ताल का ऐलान किया है। यदि 7 अगस्त तक सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशभर में हजारों निजी यात्री बसों का संचालन बंद हो सकता है।
सागर के मोतीनगर स्थित एक निजी गार्डन में मध्यप्रदेश के 55 जिलों से आए बस ऑपरेटरों और यूनियन पदाधिकारियों की बैठक हुई। कई घंटे चली चर्चा के बाद सर्वसम्मति से तय किया गया कि मांगें पूरी नहीं होने पर 8 अगस्त से प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू की जाएगी। संगठन ने इसे परिवहन व्यवसाय को बचाने की लड़ाई बताया है।
पांच साल से नहीं बढ़ा किराया
बस ऑपरेटरों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस दौरान डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, टैक्स और कर्मचारियों के वेतन सहित संचालन का खर्च लगातार बढ़ता गया। उनका कहना है कि वर्ष 2021 में डीजल की कीमत करीब 69 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब लगभग 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
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किराया दोगुना करने की मांग
बस एसोसिएशन ने वर्तमान 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर किराए को बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर करने की मांग सरकार के सामने रखी है। इसके अलावा संगठन ने परिवहन व्यवसाय से जुड़ी आठ प्रमुख मांगें भी सरकार को सौंपी हैं। उनका कहना है कि जब तक इन मांगों पर फैसला नहीं होता, तब तक बस संचालन घाटे का सौदा बना रहेगा।
लाखों यात्रियों पर पड़ेगा असर
यदि हड़ताल लागू होती है, तो प्रदेशभर में रोजाना बसों से यात्रा करने वाले छात्रों, कर्मचारियों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई जिलों में निजी बसें ही सार्वजनिक परिवहन का मुख्य साधन हैं, इसलिए बस सेवाएं बंद होने से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
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सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
बस ऑपरेटरों ने सरकार को 7 अगस्त तक का समय दिया है। यदि इस दौरान बातचीत सफल होती है और मांगों पर सहमति बनती है, तो हड़ताल टल सकती है। फिलहाल पूरे प्रदेश के यात्रियों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों की नजर सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हुई है।
