

Girish Gautam Demands Justice Rewa Hospital Case: संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरीश गौतम ने भी अपनी बात मुखरता से रखी है। उन्होंने घटना को हृदय विदारक बताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि कल्पना मिश्रा को न्याय मिलना चाहिए।
गिरीश गौतम ने अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टर निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस न करें, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर प्रभावी रोक लगाने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखने की बात भी कही।
घटना में मुख्य जिम्मेदार बताई जा रही ड्यूटी डॉक्टर सोनल अग्रवाल को लेकर भी गिरीश गौतम ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जब वे विधानसभा अध्यक्ष थे, उस समय डॉक्टर सोनल अग्रवाल को बर्खास्त करने के लिए उन्होंने प्रस्ताव भेजा था। हालांकि उसके बाद इस मामले में क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं हो पाई। गिरीश गौतम के इस बयान ने संजय गांधी अस्पताल की कार्यप्रणाली और डॉक्टरों की जवाबदेही को लेकर पहले से चल रहे सवालों को और गंभीर बना दिया है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि आम लोगों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिलना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।
कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत के बाद लगातार उठ रहे सवालों के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरीश गौतम का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि उन्होंने अपनी ही भाजपा सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े करते हुए कल्पना मिश्रा के परिवार को न्याय दिलाने की जरूरत पर जोर दिया है।