नरोत्तम मिश्रा और राजेंद्र भारती (सोर्स सोशल मीडिया )
MP Congres MLA Correption Case :मध्य प्रदेश की सियासत में बड़ा उबाल आया है 2023 के चुनाव में प्रदेश के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को चुनाव हराने वाले दतिया से कांग्रेस के विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की अदलात ने 3 साल की सजा सुनाई है। राजेंद्र भारती को कोआपरेटिव बैंक घोटाला मामले में दोषी करार दिया गया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने राजेंद्र भारती को 50 हजार के बॉन्ड पर जमानत दे दी। सजा के बाद दतिया सीट पर उपचुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। दरअसल, नियम यही कहता है कि अगर किसी विधायक को दो साल से ज्यादा की सजा होती है, तो उसकी विधायकी अपने आप चली जाएगी। अब यह देखना होगा कि दतिया विधायक के साथ क्या होता है।
यह पूरा विवाद वर्ष 1998 का है, जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक, दतिया के अध्यक्ष थे। आरोप है कि उनकी माता सावित्री श्याम ने ‘श्याम सुंदर श्याम संस्थान’ की अध्यक्ष के रूप में बैंक में 10 लाख रुपये की एफडी कराई थी। यह एफडी महज 3 साल के लिए 13.50% ब्याज दर पर की गई थी। जांच में सामने आया कि राजेंद्र भारती ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण प्रजापति के साथ मिलकर बैंक के लेजर बुक और एफडी रसीद में कूटरचना (फोर्जरी) की। इस जालसाजी के जरिए 3 साल की एफडी अवधि को बढ़ाकर 15 साल कर दिया गया, ताकि उनकी संस्था को लंबे समय तक ऊंची ब्याज दर का लाभ मिलता रहे। इस षड्यंत्र से बैंक को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई।
ग्वालियर के डबरा में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा द्वारा निर्मित एशिया के सबसे बड़े नवग्रह मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा ने उनकी राजनीतिक और धार्मिक सक्रियता को नई ऊंचाइयां दी हैं। यह आयोजन नरोत्तम मिश्रा की ‘ग्रह दशा’ सुधारने के एक बड़े राजनीतिक दांव के रूप में देखा जा रहा है,इस मंदिर के निर्माण के बाद दतिया विधायक राजेंद्र भारती को कोर्ट से सजा मिलने पर इस मंदिर के कारण नरोत्तम मिश्रा के राजनितिक पुनर्वास की चर्चा जोरो पर है ।