जीवाजी यूनिवर्सिटी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कॉलेज में बीएससी थर्ड ईयर फिजिक्स का प्रश्नपत्र समय से पहले ही छात्रों को बांट दिया गया। जानकारी के मुताबिक, बुधवार को परीक्षा के पहले दिन ही 4 अप्रैल को होने वाला फिजिक्स का पेपर परीक्षार्थियों को दे दिया गया जिससे पेपर लीक होने की आशंका पैदा हो गई।
स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत फिजिक्स का पेपर रद्द कर दिया। इस पूरे मामले में कार्रवाई करते हुए परीक्षा अधीक्षक को उनके पद से हटा दिया गया है। साथ ही मामले की जांच तेजी से की जा रही है।
खबरों के अनुसार यह मामला आरोन कॉलेज का है, जहां बीते बुधवार को जीवाजी यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध कॉलेजों में बीएससी थर्ड ईयर की परीक्षा शुरू हुई थीं। बताया जा रहा है कि पहले ही दिन ही गलत पेपर खुलने की वजह से जीवाजी यूनिवर्सिटी की परीक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। एनईपी के तहत पहले दिन मेजर सब्जेक्ट का पेपर सुबह 9 से दोपहर 12 बजे की पाली में था, जबकि बीएससी थर्ड ईयर के पेपर में लगभग 20 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हो रही हैं।
पेपर लीक की आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 4 अप्रैल को प्रस्तावित बीएससी थर्ड ईयर फिजिक्स की परीक्षा रद्द कर दी है। अब जीवाजी विश्वविद्यालय ने नया प्रश्नपत्र तैयार कराने के लिए प्रस्ताव विशेषज्ञों के पास भेज दिया है। विश्वविद्यालय की परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशा कुमारी के मुताबिक, यह परीक्षा अब मई में आयोजित की जाएगी और इसकी नई समय-सारिणी जल्द जारी की जाएगी।
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यूनिवर्सिटी के कुलसचिव राजीव मिश्रा ने परीक्षा रद्द करने संबंधी जानकारी दी। वहीं उच्च शिक्षा के अतिरिक्त संचालक प्रोफेसर कुमार रत्नम ने कॉलेज प्राचार्य से इस संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन तलब किया है। उल्लेखनीय है परीक्षा में नकल क़ो लेकर पहले ही जीवाजी यूनिवर्सिटी आरोपों से घिरा है। एनएसयूआईं ने इसको लेकर आंदोलन छेड रखा है। उन्होंने नकल करते वीडियो भी जारी किए थे।