राजेंद्र भारती (सोर्स- सोशल मीडिया)
Datia MLA Case: मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। फैसले के तुरंत बाद कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर जमानत दे दी और हाई कोर्ट में अपील दाखिल करने के लिए 30 दिन का समय भी दिया है। इसी मामले में सह-आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति को भी अदालत ने तीन साल की सजा सुनाते हुए ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
हालांकि राजेंद्र भारती और सह आरोपी दोनों को जमानत मिल गई है। इससे पहले बुधवार को कोर्ट ने राजेंद्र भारती को दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया था। अदालत ने कहा कि उन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B के साथ-साथ 420, 467, 468 और 471 के तहत आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के अपराध में दोषी पाया गया है।
दरअसल, विधायक को हुई सजा से जुड़ा यह मामला दतिया जिले में स्थित भूमि विकास सहकारी बैंक से जुड़ा हुआ है। मामला उस समय का है जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने बैंक लिपिक के साथ मिलकर 10 लाख रुपए की एफडी में हेरफेर किया था। एफडी की अवधि और दस्तावेजों में बदलाव कर वह तय समय से ज्यादा समय तक ऊंची ब्याज दर पर पैसा निकालते रहे थे।
एमपी एमएलए कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने राजेंद्र भारती से जुड़े इस मामले को भारतीय जनता पार्टी का षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजेंद्र भारती को जल्द ही हाई कोर्ट से राहत मिल जाएगी।
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राजेंद्र भारती को मिली सजा कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है। गौरतलब है कि, इससे पहले भी मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लग चुका है। ग्वालियर हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द कर दिया था। बता दें कि मुकेश मल्होत्रा क्षेत्र के प्रभावशाली आदिवासी नेता माने जाते हैं और भाजपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर करीब 45 हजार वोट पाए थे और मई 2024 में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में वह कांग्रेस में शामिल हुए थे।