

Highlights :
मुरैना के पोरसा में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, मकान से 2400 किलो केमिकल बरामद।
वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।
पियनी रोड पर एक मकान में की गई तलाशी।
नीले ड्रमों में मिला केमिकल, आठ ड्रम पूरी तरह पैक थे।
अधिकारियों के मुताबिक, ड्रमों में मिला है सॉर्बिटोल केमिकल।
Morena Chemical Caught in Blue Drum : मुरैना जिले में त्योहारी सीजन के बीच मिलावटखोरी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पोरसा क्षेत्र में एक मकान से करीब 2400 किलो केमिकल बरामद किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि इस केमिकल का इस्तेमाल सिंथेटिक दूध बनाने में किया जा सकता था।
मामले की जानकारी फेसबुक पर एक युवक द्वारा वीडियो वायरल किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली और संदिग्ध केमिकल को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब 10 बजे तहसीलदार श्यामसुंदर सिंह, पटवारी और पोरसा थाना पुलिस की टीम पचौरी का पुरा स्थित पियनी रोड पर रामकिशोर उर्फ जखोले पचौरी के मकान पर पहुंची।
शुरुआत में मकान का गेट नहीं खोला गया। पुलिस द्वारा कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने के बाद दरवाजा खोला गया। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने परिसर की तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान मकान के पिछले हिस्से में बड़ी संख्या में नीले रंग के ड्रम रखे मिले।
जांच के दौरान कुछ ड्रम खाली मिले, जबकि आठ ड्रम पूरी तरह पैक थे। इन आठ ड्रमों में करीब 2400 किलो केमिकल भरा हुआ था। अधिकारियों को बताया गया कि इस केमिकल की सप्लाई अंबाह, पोरसा और मुरैना क्षेत्र में सिंथेटिक दूध बनाने वालों तक की जाती है। हालांकि, केमिकल के वास्तविक इस्तेमाल और इसकी सप्लाई से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
रात के समय खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की टीम ने तलाशी के बाद रात करीब 11 बजे मकान के संबंधित हिस्से को सील कर दिया। इसके बाद रविवार सुबह खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल प्रताप परिहार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ड्रमों में मिले केमिकल के सैंपल लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू की, ताकि पदार्थ की प्रकृति और उसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी स्पष्ट हो सके।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, ड्रमों में सॉर्बिटोल नाम का केमिकल मिला है। इसके नमूने जांच के लिए राजधानी भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही केमिकल की गुणवत्ता, संभावित उपयोग और मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल, प्रशासन की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सिंथेटिक दूध बनाने और केमिकल की सप्लाई से जुड़े संभावित नेटवर्क को लेकर जांच पर नजर बनी हुई है।