

HIGHLIGHTS:
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड 289 यतीम छात्रों की स्कूल फीस का भुगतान करेगा।
बोर्ड ने अपनी आय का 50% शिक्षा पर खर्च करने की व्यवस्था की।
औकाफ-ए-अम्मा के जरिए 550 विधवा महिलाओं को हर महीने ₹500 की सहायता।
वक्फ संपत्तियों की 95% भूमि पर अवैध कब्जे का दावा, हटाने की कार्रवाई जारी।
Waqf Board To Cover Education Expenses Of Orphan Children: मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने आर्थिक रूप से कमजोर मुस्लिम यतीम बच्चों की शिक्षा में मदद के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि प्राप्त 324 आवेदनों में से 289 आवेदन पात्र पाए गए हैं।
इन छात्रों की स्कूल फीस का भुगतान मंगलवार को सीधे संबंधित स्कूलों में किया जाएगा। बोर्ड का उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई छूटने और ड्रॉपआउट की समस्या को रोकना है।
सनवर पटेल ने बताया कि वक्फ बोर्ड को यतीम बच्चों की शिक्षा के लिए कुल 324 आवेदन मिले थे। जांच के बाद इनमें से 289 आवेदनों को पात्र पाया गया है। इन छात्रों की फीस सीधे स्कूलों में जमा कराई जाएगी, जिससे जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी। बोर्ड के अनुसार, आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि बोर्ड को कानून के तहत अपनी आय का 93 प्रतिशत हिस्सा उपयोग करने का अधिकार है। बोर्ड ने इसमें से 50 प्रतिशत राशि शिक्षा के क्षेत्र में खर्च करने की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि बोर्ड के पास लगभग 5 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिससे पिछले दो वर्षों में आय अर्जित की गई है। इसके अलावा, वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज कर पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में काम किया गया है।
शिक्षा के साथ महिला कल्याण पर भी बोर्ड काम कर रहा है। औकाफ-ए-अम्मा संस्था के माध्यम से 550 विधवा महिलाओं को हर महीने 500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा, गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में भी सहयोग किया जा रहा है। सनवर पटेल ने बताया कि वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई जारी है। उनके अनुसार, लगभग 95 प्रतिशत भूमि पर अवैध कब्जा है। किराये पर दी गई संपत्तियों का किराया बढ़ाने के लिए पट्टा अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।
सनवर पटेल ने कहा कि बोर्ड की कार्यप्रणाली को देखते हुए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ और राजस्थान वक्फ बोर्ड को प्रशिक्षण देने के लिए मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का चयन किया है। उन्होंने नए वक्फ कानूनों का विरोध करने वालों को मध्यप्रदेश आकर व्यवस्था देखने की बात कही। उनके अनुसार, संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन, शिक्षा और महिला कल्याण से जुड़े प्रयासों के जरिए समाज के कमजोर वर्गों को सहायता देने का काम किया जा रहा है।