अछरू माता मंदिर (सौ.सोशल मीडिया)
Shardiya Navratri 2024: जैसा कि, शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी हैं वहीं पर माता दुर्गा के प्रसिद्ध मंदिरों में भक्त दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे है। दर्शन करने के साथ ही भक्त माता से मनोकामना कर रहे हैं इस दौरान माता के वैसे तो कई चमत्कारी मंदिर हैं लेकिन कई मंदिर अलग खासियत रखते है। मध्यप्रदेश राज्य में भी माताजी का एक ऐसा चमत्कारी मंदिर है जहां पर माता भक्तों से बात करती है। इस मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं तो वहीं पर इस चमत्कारी मंदिर में मनोकामना मांगते है।
कहा जाता है कि, मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मडिया में यह चमत्कारी मंदिर स्थित है जिसका नाम अछरू माता मंदिर है। यहां की मान्यता के अनुसार, बड़ी संख्या में भक्त अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते है। मान्यता है कि, यहां पर चमत्कारी कुंड स्थित है जिसमें से ही माता अपने भक्तों से बात करती हैं साथ ही मन्नत पूरी होने को लेकर इशारा भी देती है। कई लोगों ने इन रहस्यों को जानने की कोशिश की लेकिन किसी को कोई कामयाबी नहीं मिली। यहां पर प्रसाद में चिरौंजी, नारियल, दही, नींबू आदि दिया जाता है।
इस मंदिर के पीछे एक पौराणिक कहानी जुड़ी है कहा जाता है कई साल पहले एक अछरू नामक चरवाहा हुआ करता था। जो अपनी भैसों को रोजाना जंगल में चराने के लिए ले जाया करता था। एक दिन अचानक उसकी भैंस कहीं खो गई। भैंस को ढूंढ़ने के लिए अछरू ने पूरा जंगल छान मारा, लेकिन उसे भैंस कहीं नहीं मिली। थक हारकर वह एक पेड़ के नीचे बैठ गया। जहां वह बैठा वहीं एक कुआं था। उस कुएं से अचानक देवी मां प्रकट हुई और उसे उसकी भैंस का पता बता दिया। साथ ही उसे परेशान थका-हारा देख कुंड का जल पीने की सलाह भी दी।
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अछरू पानी पी रहा था कि तभी उसकी लाठी कुंड में गिर गई और पानी के अंदर चली गई। बिना लाठी के ही वो माता के बताए गए स्थान पर पंहुचा। वहां वो अपनी लाठी और भैंस को देखकर हैरान हो गया। इसके बाद अछरू रोजाना उस कुंड पर जाकर पूजा करने लगा। तब से लोगों की आस्था कुंड की देवी से जुड़ गई।
अछरू माता मंदिर कुंड (सौ.सोशल मीडिया)
नवरात्रि पर खास होता हैं नजारा
कहा जाता है कि, नवरात्रि में यहां पर खास नजारा देखने के लिए मिलता हैं लाखों की संख्या में भक्त अछरू मां के दर्शन के लिए आते हैं। वहीं पर सालों से अछरू के परिवार के सदस्य इस मंदिर में पूजा कर रहे है। कहा जाता है कि, इस कुंड में हमेशा पानी रहता हैं कुंड कभी भी सूखता नहीं है। इलाके में भलें ही पानी की कमी होती हैं लेकिन कुंड भरा ही रहता है।