मोहन यादव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
CM Mohan Yadav Surprise Inspection: मध्य प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी में अनुशासन का पाठ पढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में वल्लभ भवन सहित तीन प्रमुख सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच के लिए ‘सरप्राइज रेड’ के निर्देश दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को प्रशासन में चुस्ती-फुर्ती लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया। मुख्यमंत्री ने वल्लभ भवन मंत्रालय में समय पर उपस्थिति को लेकर ‘छापामार कार्रवाई’ करने के सख्त निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार, मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अधिकारियों को गुरुवार सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा- तीनों दफ्तरों में तैनात किया गया है।
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल हाजिरी लगाना नहीं, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के आने-जाने का सटीक समय नोट करना और अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वालों की जानकारी संकलित करना है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए खास टीमों का गठन किया है, जो पूरे दिन इन दफ्तरों में उपस्थिति और काम की निगरानी करेंगी।
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समय की पाबंदी को लेकर हिदायत दी है। इससे पहले भी वे सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि राज्य में हफ्ते में पांच दिन ही दफ्तर खुलने के बावजूद, कई अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तर नहीं पहुंचते हैं। सीएम का मानना है कि अधिकारियों की देरी से आने की आदत प्रशासनिक काम में बड़ी परेशानी पैदा करते हैं और आम जनता के काम रोकते हैं।
यह भी पढ़ें: 1 अप्रैल 2026 से बदल जाएगा पेट्रोल, आपकी बाइक-कार पर क्या पड़ेगा असर? जानिए E20 और RON 95 का पूरा गणित
हैरानी की बात यह है कि जब यह कार्रवाई चल रही थी, तब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद भोपाल में मौजूद नहीं थे। वे आज राजस्थान और छत्तीसगढ़ के सघन दौरे पर हैं। उनका कार्यक्रम सुबह भोपाल से उड़ान भरने के साथ शुरू हुआ, जिसके बाद वे उदयपुर और फिर भीलवाड़ा पहुंचे। भीलवाड़ा में सीएम उद्योगपतियों के साथ निवेश की संभावनाओं पर बातचीत कर सकते हैं।