ट्विशा शर्मा केस: वापस ली गई समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका; दोबारा होगा ट्विशा के शव का पोस्टमार्टम
Twisha Sharma Case Higcourt Order: ट्विशा शर्मा केस में बड़ा मोड आया है। हाईकोर्ट ने आरोपी पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली है। भोपाल की अदालत में सरेंडर करेगा समर्थ सिंह।
- Reported By: पवन पटेल | Edited By: सजल रघुवंशी
ट्विशा शर्मा केस अपडेट (सोर्स- डिजाइन इमेज)
Twisha Sharma Case Big Update: भोपाल के हाईप्रोफाइल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में बड़ा मोड आया है। दरअसल, जबलपुर हाईकोर्ट ने आरोपी पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली है। बताया जा रहा है कि भोपाल की अदालत में सरेंडर करेगा समर्थ सिंह।
बता दें कि, आज हाईकोर्ट ने ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने वाली याचिका पर भी सुनवाई की। जिसके बाद यह भोपाल पुलिस को यह दोबारा पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए गए हैं।
भोपाल कोर्ट में सरेंडर के लिए तैयार है समर्थ?
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान अहम मोड़ आया, जब आरोपी समर्थ सिंह की ओर से उनके वकील ने अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि समर्थ सिंह अब निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार हैं।
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अदालत ने दी सेकेंड पोस्टमार्टम की अनुमति
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दूसरे पोस्टमार्टम को लेकर तीखी बहस हुई। याचिकाकर्ता पक्ष ने इसकी जरूरत बताई, जबकि दूसरे पक्ष के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि AIIMS की पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर्याप्त है और दोबारा पोस्टमार्टम डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने जैसा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सेकंड पोस्टमार्टम कराने पर सहमति दे दी।
दूसरी मेडिकल राय ली जा सकती है- तुषार मेहता
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की निष्पक्षता और ईमानदारी का बचाव करते हुए कहा कि उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि यदि पीड़ित परिवार को लगता है कि किसी पहलू को नजरअंदाज किया गया है, तो मामले में दूसरी मेडिकल राय ली जा सकती है।
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‘वह हमारे परिवार की बहू थी, उसका अंतिम संस्कार हमारा फर्ज’
अंतिम संस्कार में देरी का विरोध करते हुए गिरिबाला सिंह के वकील ने कहा कि शव को लंबे समय तक यूं नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने दलील दी कि मृतका उनके परिवार की बहू थी और उसका अंतिम संस्कार करना परिवार की जिम्मेदारी और कर्तव्य है।
