- Hindi News »
- Madhya Pradesh »
- Jabalpur »
- Bargi Dam Cruise Accident Jabalpur 13 Dead No Insurance Revealed
बरगी डैम हादसे पर बड़ा खुलासा: बिना वैध बीमे के चल रहा था क्रूज, सवालों से बचते नजर आ रहे अधिकारी
Jabalpur Cruise Accident: बरगी डैम में क्रूज डूबने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। क्रूज बिना वैध बीमा के संचालित किया जा रहा था। अधिकारी बीमे को लेकर सवाल किए जाने पर जवाब देने से बच रहे हैं।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन

हादसे के बाद क्रूज को तोड़ दिया गया (फोटो सोर्स- नवभारत)
Bargi dam Accident Big Update: जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को हुए क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत के बाद बड़ा खुलासा हुआ है कि 20 साल पुराना यह जलयान बिना वैध बीमा के संचालित किया जा रहा था। यह केंद्र के कानून का सीधा उल्लंघन है। क्रूज की फिटनेस और उसे जांच के पहले ही तोड़ने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हादसे के बाद क्रूज के बीमा को लेकर जिम्मेदार अफसरों के बयान टालमटोल भरे हैं, जिससे प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई है।
जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत ने पर्यटन विभाग के पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में 4 बच्चे, 8 महिलाएं और 1 पुरुष अपनी जान गंवा चुके हैं। अब इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस क्रूज में पर्यटक सवार थे, वह बिना वैध बीमा के संचालित किया जा रहा था। यह भारत सरकार के द इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021 का खुला उल्लंघन हैं और यह आपराधिक कृत्य है।
क्या है भारत सरकार का कानून?
- भारत सरकार के द इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021 के अनुसार, किसी भी यांत्रिक जलयान को अंतर्देशीय जलक्षेत्र में चलाने के लिए अनिवार्य बीमा होना जरूरी है।
- कानून साफ तौर पर कहता है कि यात्रियों की मृत्यु या चोट की स्थिति में मुआवजा कवर होना चाहिए।
- संपत्ति के नुकसान की जिम्मेदारी तय हो, संचालन और आकस्मिक प्रदूषण की देनदारी शामिल हो।
- यह बीमा जलयान की कुल संभावित देनदारी के बराबर होना अनिवार्य है। इन प्रावधानों के बावजूद बरगी में चल रहा क्रूज नियमों की अनदेखी कर चलाया जा रहा था।
अधिकारियों की टालमटोल, जिम्मेदारी से बचने की कोशिश?
विभाग से बात कर लीजिए – कलेक्टर
हादसे के बाद जिम्मेदार अफसरों के बयान भी सवालों के घेरे में हैं। इस मामले में जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने मामले को पर्यटन विभाग पर डालते हुए कहा कि आप विभाग के अधिकारियों से बात कर लीजिए। बीमा विभाग का आंतरिक मामला होता है।
सम्बंधित ख़बरें
मध्य प्रदेश में UCC को लेकर तैयारियां तेज, विधेयक लाने से पहले होगा व्यापक जनसंवाद
इंदौर में होगा BRICS सम्मेलन, 9 से 13 जून तक जुटेंगे 21 देशों के प्रतिनिधि
जनगणना के काम में लापरवाही, ड्यूटी से नदारद कर्मचारियों पर गिरेगी गाज, विभागीय जांच और FIR की तैयारी
ग्वालियर में आज राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन, पूरे राज्य से 20 हजार हितग्राही होंगे शामिल
अभी दस्तावेज की जांच करेंगे: सचिव
वहीं, पर्यटन विभाग के सचिव और बोर्ड के प्रबंध निदेशक इलैया राजा ने कहा कि हम अभी रेस्क्यू अभियान में ही व्यस्त थे। अभी दस्तावेज नहीं देखे हैं। आप एडवाइजर राजेंद्र निगम से बात कर लीजिए।
संजय मल्होत्रा बता पाएंगे: एडवाइजर
इस मामले में टूरिज्म बोर्ड के एडवाइजर व नौसेना के पूर्व कमांडर राजेंद्र निगम ने कहा कि अन्य जगहों भोपाल और हनुमंतिया में क्रूज का बीमा है, बरगी की जानकारी नहीं है। यह जानकारी रीजनल मैनेजर ही दे पाएंगे।
मैनेजर से पूछकर बताता हूं: रीजनल मैनेजर
पर्यटन निगम के जबलपुर रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा ने भी स्पष्ट जानकारी देने से बचते हुए कहा कि मैनेजर से पूछकर ही बता पाएंगे।
बीमा का आवेदन किया था, सर्वेयर नहीं आया : मरावी
होटल मैकल रिसॉर्ट एवं बोट क्लब बरगी के निलंबित मैनेजर सुनील मरावी ने बताया कि उनकी बीमा पॉलिसी मार्च 2026 में समाप्त हो रही थी। इसके नवीनीकरण के लिए उन्होंने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस में आवेदन किया था। मरावी के अनुसार, इंश्योरेंस कंपनी की ओर से बताया गया कि सर्वेयर मौके पर आकर सर्वे करेगा, जिसके बाद ही पॉलिसी प्रभावी (एक्टिव) होगी। इसके बाद सर्वेयर नहीं आया।
ये भी पढ़ें : Jabalpur Cruise Accident: ‘वो मंजर बार-बार याद आता है…’, क्रूज पायलट महेश पटेल ने क्या बताया खौफनाक सच
एक्टिविस्ट का आरोप- यह आपराधिक लापरवाही
सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे ने इस पूरे मामले को ‘आपराधिक पर्यटन’ करार देते हुए कहा कि बिना सुरक्षा और बीमा के लोगों को क्रूज में बैठाना सीधे-सीधे आपराधिक लापरवाही है। इसकी जिम्मेदारी मंत्री, सचिव, एमडी और निर्णय लेने वाले अधिकारियों पर तय होनी चाहिए। उनके वेतन से मुआवजा वसूला जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी था, तब क्रूज संचालन की अनुमति किसने दी? इन सवालों जवाब सामने आने चाजिए।
क्रूज का दो साल पहले री—फिट कराया था, पर बड़ा सवाल जांच से पहले ही क्यों तोड़ा ?
बरगी डैम क्रूज हादसे में अब तकनीकी पहलुओं को लेकर नए दावे सामने आए हैं। पर्यटन निगम के सलाहकार व पूर्व नौसेना कमांडर राजेंद्र निगम ने बताया कि वर्ष 2024 में क्रूज का मीडियम री—फिट किया गया था, जिस पर करीब 38 लाख खर्च किए गए। इस दौरान क्रूज के शॉफ्ट, हल और इंजन समेत 17 प्रमुख तकनीकी बदलाव किए गए और क्रूज को करीब 6 महीने सर्विसिंग के बाद फिर से संचालन में लाया गया। बता दें यह क्रूज 2006 में 70 से 80 लाख रुपए में हैदराबाद की कंपनी से खरीदा गया था।
10 साल तक बढ़ जाता है जीवनकाल
एडवाइजर का दावा यह भी है कि मीडियम री—फिट के बाद क्रूज का जीवनकाल 10 साल तक बढ़ जाता है और यह प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय मानकों (IMO) के अनुरूप होती है। चूंकि, क्रूज का निर्माण 2006 में हुआ था। इसके फाइबर रिइंफोर्स्ड प्लॉस्टिक ढांचे (Fiber Reinforced Plastic) की सामान्य उम्र 20 से 25 साल मानी जाती है, ऐसे में 2024 में री—फिट के बाद इसे 2029 तक सुरक्षित बताया जा रहा था। हालांकि, इन दावों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि जब क्रूज हाल ही में री—फिट होकर “सुरक्षित” बताया जा रहा था तो हादसे के तुरंत बाद जांच से पहले ही उसे पूरी तरह तोड़ क्यों दिया गया? यही बिंदु अब जांच का सबसे अहम पहलू बनता जा रहा है।
ये भी पढ़ें : बरगी क्रूज हादसा: 60 घंटों तक चला सर्ज ऑपरेशन, मृतकों की संख्या पहुंची 13; कामराज का शव मिला
इसलिए मौके पर ही तोड़ना पड़ा क्रूज
इस पर सलाहकार राजेंद्र निगम ने सफाई दी कि अंदर कोई फंसा तो नहीं है, यह सुनिश्चित करना था, इसलिए इसे तोड़ा गया। रेस्क्यू और एक्सेस में दिक्कत आ रही थी। इसलिए सुरक्षा और ऑपरेशन के लिहाज से इसे तोड़ा गया। उन्होंने बताया कि क्रूज का ढांचा इतना मजबूत था कि उसे काटने में दो जेसीबी मशीनों को करीब 8 घंटे लगे। निगम का कहना है कि बरगी डैम से क्रूज को पूरा उठाने के लिए 50 टन की 2 क्रेन की जरूरत थी, लेकिन वहां तक क्रेन पहुंचने का रास्ता ही नहीं था। इसी वजह से मौके पर ही क्रूज को काटकर रेस्क्यू करना पड़ा।
Bargi dam cruise accident jabalpur 13 dead no insurance revealed
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Nagpur Theft Case:नागपुर में बेल सिस्टम पर सवाल, जमानत मिलते ही फिर वारदात; क्राइम ब्रांच ने दोबारा दबोचा
May 04, 2026 | 12:51 PMबरगी डैम हादसे पर बड़ा खुलासा: बिना वैध बीमे के चल रहा था क्रूज, सवालों से बचते नजर आ रहे अधिकारी
May 04, 2026 | 12:51 PMरजनीकांत और कमल हासन जहां चुके, वहां Thalapathy Vijay ने मारी बाजी, युवाओं की उम्मीद बने सुपरस्टार
May 04, 2026 | 12:50 PMहुमायूं कबीर से अजमल और ओवैसी तक…पांच राज्यों के चुनाव में नहीं चला मुस्लिम कार्ड, जनता ने चटाया धूल
May 04, 2026 | 12:44 PMसोशल मीडिया कंटेंट के लिए ट्रेन में तोड़फोड़, कोच की सीट फाड़ते दिखे युवक; लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
May 04, 2026 | 12:38 PMजम्मू में JDA का हंटर; रिंग रोड कॉरिडोर किनारे प्राधिकरण ने की बड़ी कार्रवाई, 15 से ज्यादा ढांचे किए जमींदोज
May 04, 2026 | 12:36 PM‘यह अंत नहीं, शुरुआत है…’, बारामती में बड़ी जीत की ओर बढ़ते ही सुनेत्रा पवार का भावुक संदेश वायरल
May 04, 2026 | 12:32 PMवीडियो गैलरी

West Bengal Elections: बंगाल में कमल खिलेगा! शुरुआती रुझानों में BJP की बढ़त पर क्या बोले राजनेता- VIDEO
May 04, 2026 | 12:01 PM
Assembly Elections Results: 5 राज्यों में मतदान जारी, कौन मारेगा बाजी? पक्ष-विपक्ष में छिड़ी जंग, देखें VIDEO
May 04, 2026 | 11:45 AM
पवन खेड़ा को मिली अग्रिम जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाई कोर्ट का आदेश, जानें पूरा मामला
May 02, 2026 | 02:41 PM
आज ममता दीदी का चेहरा देखा क्या? बीजेपी सांसद ने सीएम पर कसा तंज, कहा- बंगाल के लोगों ने ही किया खेला
May 02, 2026 | 02:28 PM
MP Police का ‘सिंघम’ अवतार: नाबालिग से हैवानियत करने वालों को पुलिस ने पट्टा पहनाकर शहर में घुमाया
May 02, 2026 | 02:00 PM
‘खुशबू को बड़े सपने देखना सिखाएंगे’, इंटर्न वकील के प्रयास ने बदली चाय बेचने वाली बच्ची की किस्मत, देखें VIDEO
Apr 30, 2026 | 11:33 PM














