इंदौर में ‘वॉटर वॉर’, जीतू पटवारी की पानी रिपोर्ट पर भड़के महापौर पुष्यमित्र भार्गव; आरोपों को बताया साजिश
Indore Mayor Questioned Jitu Patwari Report: महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जीतू पटवारी की वाटर रिपोर्ट को फर्जी बताया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रोज 360 MLD पानी जनता को मिल रहा है।
- Reported By: अंशुल मुकाती | Edited By: सजल रघुवंशी
इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव (सोर्स- सोशल मीडिया)
Indore Water Dispute Pushyamitra Bhargav Statement: इंदौर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा शहर के पानी को लेकर जारी रिपोर्ट पर अब महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तीखा पलटवार किया है। महापौर ने जीतू पटवारी की रिपोर्ट को पूरी तरह फेक, प्लान्ड और शहर को बदनाम करने की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम 360 एमएलडी से ज्यादा पानी शहरवासियों तक पहुंचा रहा है और कांग्रेस जनता में भ्रम फैलाने का काम कर रही है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने प्रेस वार्ता में साफ कहा कि नगर निगम लगातार हर नागरिक तक पानी पहुंचाने के लिए काम कर रहा है। जिन इलाकों में बोरिंग सूख गए हैं वहां 650 से ज्यादा टैंकरों और हाइड्रेंट व्यवस्था के जरिए पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर संकट के समय राजनीति कर इंदौर की छवि खराब करने की कोशिश करती है।
कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है- पुष्यमित्र भार्गव
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि बिजलपुर और मुसाखेड़ी में लगे स्काडा सिस्टम के जरिए नर्मदा जल सप्लाई का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद है और इसी आधार पर प्रतिदिन 360 एमएलडी से ज्यादा पानी शहर तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शहर को बिना पानी का शहर बताकर जनता को गुमराह कर रही है।
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महापौर ने उठाए जीतू पटवारी के दावे पर सवाल
पुष्यमित्र भार्गव ने जीतू पटवारी के उस दावे पर भी सवाल उठाए जिसमें शहर के 90 प्रतिशत पानी को जहरीला बताया गया था। उन्होंने कहा कि केवल 29 वार्डों से लिए गए 240 सैंपलों के आधार पर पूरे शहर को बदनाम नहीं किया जा सकता।
‘3 महीने तक नगर निगम को क्यों नहीं दी गई रिपोर्ट’
महापौर ने पूछा कि अगर पानी इतना खराब था तो रिपोर्ट तीन महीने तक नगर निगम को क्यों नहीं दी गई, उन्होंने सैंपल लेने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि तस्वीरों में प्लास्टिक की बोतलों में सैंपल लिए जाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि निर्धारित मानकों के अनुसार पानी के सैंपल विशेष कंटेनरों में लिए जाते हैं।
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महापौर ने इसे प्रथम दृष्टया संदिग्ध रिपोर्ट बताया, महापौर ने कांग्रेस नेताओं से जल संरक्षण को लेकर किए गए कार्यों का हिसाब भी मांगा और कहा कि सभी को राजनीति से ऊपर उठकर जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाना चाहिए।
