

Indore Water Report: इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी मामले के बाद अब कांग्रेस ने जिले की जल व्यवस्था को लेकर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शहर के अलग-अलग इलाकों से लिए गए पानी के सैंपलों की रिपोर्ट जारी करते हुए दावा किया कि इंदौर में लिए गए 98 प्रतिशत सैंपल फेल पाए गए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शहर में दूषित पानी और सीवरेज व्यवस्था के कारण लोगों की जान खतरे में है और सरकार इस मामले में पूरी तरह विफल रही है।
इंदौर में कांग्रेस द्वारा दो महीने तक अलग-अलग वार्डों में पानी की जांच अभियान चलाया गया। कांग्रेस के मुताबिक 3 फरवरी से 28 फरवरी के बीच 29 वार्डों से पानी के सैंपल लिए गए थे, जिनकी जियो टैगिंग भी कराई गई। कांग्रेस का दावा है कि 240 सैंपलों में से 98 प्रतिशत सैंपल फेल पाए गए, जबकि दिल्ली भेजे गए 130 सैंपलों में से 109 में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला है।
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कभी देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला इंदौर अब दूषित पानी के कारण बदनाम हो रहा है। उन्होंने भागीरथपुरा मामले का जिक्र करते हुए कहा कि दूषित पानी से 36 लोगों की मौत हुई और इसके बावजूद जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जीतू पटवारी ने ट्रिपल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए इसे ट्रिपल अराजकता बताया। उन्होंने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी हमला बोलते हुए कहा कि शहर में पानी और सीवरेज पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा। जीतू पटवारी ने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय पहले ठाकुर थे कि उनके हाथ कटे हुए थे लेकिन अब जुबान भी कट गई है।
पटवारी ने मांग की कि पूरे शहर का जल ऑडिट कराया जाए, हर वार्ड की पानी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और पुरानी पाइप लाइन व सीवरेज व्यवस्था की जांच हो। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस की सरकार बनने पर जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।