Indore Rakesh Yadav Targets Jitu Patwari: कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और प्रदेश प्रवक्ता बने राकेश यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर तीखा हमला बोला। इंदौर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी के आचरण को देखकर उन्हें आशंका है कि उनकी भी ड्रग्स स्क्रीनिंग कराई जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि नाना पटवारी के ड्रग्स लेने की बात सामने आने के बाद अब जीतू पटवारी की भी जांच होनी चाहिए।
राकेश यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए कथित 500 करोड़ रुपये के आरोपों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के पास इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए। यदि प्रमाण नहीं हैं तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस नेता हरीश चौधरी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
यादव ने कहा कि कानून अपना काम करता है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सबूत मिलने पर पुलिस व प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करते हैं। उन्होंने दावा किया कि नाना पटवारी के घर लौट आने के बाद कांग्रेस के आरोप स्वतः गलत साबित हो गए, जिससे स्पष्ट होता है कि सरकार किसी राजनीतिक द्वेष से कार्रवाई नहीं कर रही।
राकेश यादव ने आरोप लगाया कि ड्रग्स मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के चुनाव के दौरान जीतू पटवारी के समर्थन में पोस्टर लगे थे और उनके साथ तस्वीरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। उन्होंने युवाओं को जागरूक करने के नाम पर निकाली जाने वाली साइक्लोथॉन की भी जांच कराने की मांग की। साथ ही कांग्रेस नेता हरीश चौधरी के बार-बार राजस्थान के बायतू क्षेत्र से मध्य प्रदेश आने पर भी सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की।बीजेपी प्रवक्ता ने जीतू पटवारी की आय, कंपनियों और संपत्तियों को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन तथ्यों से जुड़े दस्तावेज जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे।
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कांग्रेस के एआईसीसी प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश यादव के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन्हें इसलिए बाहर का रास्ता दिखाया क्योंकि वे बिना तथ्यों के बयान देते थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद इसी "योग्यता" के आधार पर भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें प्रदेश प्रवक्ता बनाया है। शुक्ला ने राकेश यादव को "भस्मासुर" बताते हुए कहा कि उनके पास न तो ठोस तर्क हैं और न ही कोई विचारधारा। उन्होंने बीजेपी को आगाह करते हुए कहा कि यदि पार्टी ऐसे लोगों को प्रवक्ता बनाएगी तो वे भविष्य में उसी के लिए आत्मघाती साबित होंगे।