दिग्विजय सिंह के बयान पर बढ़ा विवाद, इंदौर महापौर ने सॉलिसिटर जनरल को लिखा पत्र
Digvijay Singh Controversy Mp Politics:पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कथित बयान पर विवाद गहरा गया है। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को पत्र लिखा है।
- Reported By: अंशुल मुकाती
इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और उनके द्वारा लिखा गया पत्र (फोटो सोर्स - नवभारत)
Indore Mayor Seeks Contempt Action:मध्यप्रदेश की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के एक बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। अब यह विवाद कानूनी मोड़ ले चुका है, क्योंकि इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को पत्र लिखकर दिग्विजय सिंह के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी को लेकर कानूनी पहल
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के द्वारा कोर्ट पर दिए बयान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच गया है। इंदौर के महापौर और वकील पुष्यमित्र भार्गव ने इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को पत्र लिखकर दिग्विजय सिंह के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की है।इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव पेशे से वकील है।
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महापौर ने भेजे साक्ष्य और दस्तावेज
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि दिग्विजय सिंह की सुप्रीम कोर्ट को लेकर की गई कथित टिप्पणी न्यायपालिका की गरिमा के विपरीत है और इससे आम जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट, 1971 की धारा 15(1)(बी) का हवाला देते हुए सॉलिसिटर जनरल से मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की अनुमति देने का अनुरोध किया है। पत्र के साथ कथित बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग, लिखित प्रतिलिपि और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य भी संलग्न किए गए हैं।
संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान की बात
पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि न्यायपालिका देश के लोकतंत्र और संविधान की महत्वपूर्ण आधारशिला है। सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों को अपने बयानों में संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उनका मानना है कि ऐसे मामलों में उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
प्रदेश की राजनीति में तेज हुआ घमासान
इस शिकायत के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है, जबकि राजनीतिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम पर चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के स्तर पर होने वाली कार्रवाई और इस शिकायत पर लिए जाने वाले अगले निर्णय पर टिकी हुई है।
