इंदौर में दूषित पानी को लेकर सियासत, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और कांग्रेस आमने-सामने
Indore Water Report Political Clash: इंदौर में दूषित पानी की रिपोर्ट को लेकर सियासत गरमा गई है।महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सुदामा नगर पहुंचकर सप्लाई का पानी खुद पीकर दिखाया और रिपोर्ट पर सवाल खड़े किये
- Reported By: अंशुल मुकाती
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सुदामा नगर पहुंचकर पानी पीकर गुणवत्ता पर जताया भरोसा (फोटो सोर्स - नवभारत)
Indore Water Report Political Clash: इंदौर में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस द्वारा जारी की गई पानी के नमूनों की रिपोर्ट के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा शहर के विभिन्न इलाकों से लिए गए पानी के सैंपलों की रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने के बाद अब महापौर पुष्यमित्र भार्गव और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।महापौर ने खुद सुदामा नगर पहुँच कर सप्लाई का पानी पिया और कांग्रेस की रिपोर्ट को झूठा बताया
सुदामा नगर पहुंचकर महापौर ने पिया सप्लाई का पानी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव सुदामा नगर पहुंचे, जहां उन्होंने संबंधित घर में जाकर नल से आ रहे पानी को स्वयं पीकर देखा। साथ ही उन्होंने पानी का नया सैंपल भी जांच के लिए भेजा। महापौर ने स्थानीय नागरिकों से चर्चा कर पानी की गुणवत्ता की जानकारी भी ली।महापौर ने आरोप लगाया की कांग्रेस ने वाटर टेस्टिंग के नाम पर जनता को गुमराह किया है ।
कांग्रेस पर लगाया राजनीतिक प्रोपेगेंडा का आरोप
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि कांग्रेस ने 240 स्थानों से पानी के नमूने लेने का दावा किया था, लेकिन सार्वजनिक रूप से केवल 130 स्थानों की सूची जारी की गई। उन्होंने बताया कि नगर निगम की टीम ने कई स्थानों पर दोबारा जांच की और अधिकांश लोगों ने पानी की गुणवत्ता को संतोषजनक बताया।
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महापौर ने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस के पास तीन महीने पहले ही दूषित पानी की रिपोर्ट उपलब्ध थी, तो उसे तत्काल सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इंदौर और भोपाल में अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाएं मौजूद होने के बावजूद नमूनों की जांच दिल्ली में कराना कई सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार यह पूरा मामला प्रदेश सरकार और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की छवि खराब करने का प्रयास है।
कांग्रेस का पलटवार, कहा- हमारी रिपोर्ट से जागा निगम
वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने महापौर के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही नगर निगम सक्रिय हुआ है। उन्होंने दावा किया कि शहर के कई क्षेत्रों में वर्षों से दूषित और पीने योग्य नहीं होने वाले पानी की शिकायतें मिलती रही हैं।
चौकसे ने बताया कि पानी के नमूने फरवरी माह में लिए गए थे और उनकी जांच रिपोर्ट अब सार्वजनिक की गई है। उस समय कई इलाकों में पानी की गुणवत्ता खराब पाई गई थी।
स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग
कांग्रेस ने कहा कि उसका उद्देश्य केवल जनता के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे को सामने लाना है। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। चौकसे ने यह भी कहा कि यदि अब महापौर और नगर निगम घर-घर जाकर पानी की जांच कर रहे हैं, तो यह जनता की चिंता और कांग्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दे का ही परिणाम है।
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पानी की गुणवत्ता पर जारी है राजनीतिक बहस
कांग्रेस की रिपोर्ट सामने आने के बाद शहर में पानी की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है। एक ओर नगर निगम पानी को सुरक्षित बता रहा है, वहीं कांग्रेस अपनी रिपोर्ट के आधार पर सवाल उठा रही है। ऐसे में इंदौरवासियों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा अब स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता बन गया है।
