इंदौर हनी ट्रैप केस: कभी नरयावली सीट से मांगा था BJP का टिकट, अब पुलिस कस्टडी में; जानें कौन है रेशू चौधरी
Honeytrap Case: इंदौर हनीट्रैप मामले में पुलिस ने सागर की रेशू चौधरी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि रेशू ने श्वेता जैन और लेडी तस्कर अलका के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग का नेटवर्क खड़ा किया था।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: सजल रघुवंशी
कौन है रेशू चौधरी (सोर्स- एआईज जनरेटेड इमेज)
Indore Honeytrap Case Reshu Choudhary Arrest: इंदौर में शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह से जुड़े चर्चित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सागर निवासी एक महिला को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार महिला की पहचान मकरोनिया निवासी रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी के रूप में हुई है।
इंदौर पुलिस ने बुधवार को उसके घर पर दबिश देकर उसे पकड़ा। फिलहाल पुलिस उससे कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां उसे इस पूरे नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी मान रही हैं।
रेशू चौधरी ने मांगा था विधायक का टिकट
जानकारी के अनुसार, रेशू चौधरी कुछ वर्ष पहले राजनीति में काफी सक्रिय रही है। वह भाजपा से भी जुड़ी रही और कई कार्यक्रमों में वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों के साथ नजर आ चुकी है। बताया जाता है कि उसने 2023 विधानसभा चुनाव में नरयावली सीट से टिकट की दावेदारी भी की थी।
सम्बंधित ख़बरें
MPPSC 2026 के पदों में बढ़ोतरी, डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी की सीटें बढ़ीं; आयोग ने जारी किया नया शुद्धिपत्र
मध्यप्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी तेज, रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली कमेटी 23 मई को पहुंचेगी इंदौर
भोपाल को मिला दूसरा रेलवे जंक्शन, संत हिरदाराम नगर स्टेशन का बढ़ा विधिक दर्जा; अब और भी बेहतर होगी कनेक्टिविटी
MP News: सिलेबस में शामिल होगी सम्राट विक्रमादित्य और महर्षि सांदीपनि की गाथा; CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान
रेशू ने खोली थी यूपीएससी की कोचिंग
सूत्रों के मुताबिक, रेशू खुद को उच्च शिक्षित और प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत करती थी। उसका नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। साल 2020 के आसपास उसने मध्य प्रदेश के सागर के कटरा बाजार क्षेत्र में यूपीएससी कोचिंग शुरू करने का दावा किया था और बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया था, हालांकि बाद में वह मामला भी विवादों में घिर गया।
रेशु की ऐसे हुई श्वेता जैन से मुलाकात
बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसकी पहचान इंदौर की रहने वाली श्वेता विजय जैन से हुई, जो पहले चर्चित हनी ट्रैप मामले में जेल जा चुकी है। चर्चाओं के अनुसार, जेल के दौरान श्वेता की मुलाकात इंदौर की कथित लेडी तस्कर अलका दीक्षित से हुई थी। बाद में कोर्ट पेशियों और मुलाकातों के दौरान इनके बीच संपर्क बढ़ा और कथित तौर पर एक नए ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की योजना तैयार की गई।
यह भी पढ़ें: मध्यप्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी तेज, रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली कमेटी 23 मई को पहुंचेगी इंदौर
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क के जरिए प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की रणनीति बनाई गई थी। बताया जा रहा है कि रेशू ने खुद को कई राजनेताओं, कारोबारियों और रसूखदार लोगों से जुड़ा हुआ बताकर इस नेटवर्क में अपनी भूमिका मजबूत की थी।
