मध्यप्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी तेज, रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली कमेटी 23 मई को पहुंचेगी इंदौर
MP UCC Committee: मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की कवायद अब तेज होती नजर आ रही है। इस दिशा में गठित 6 सदस्यीय समिति 23 मई, शनिवार को इंदौर पहुंचेगी।
- Written By: सजल रघुवंशी
मध्य प्रदेश यूसीसी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ranjana Prakash Desai UCC Committee Indore Visit 2026: मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की कवायद अब तेज होती नजर आ रही है। इस दिशा में गठित 6 सदस्यीय समिति 23 मई, शनिवार को इंदौर पहुंचेगी। यहां समिति विभिन्न जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं और आम नागरिकों से चर्चा कर उनकी राय और सुझाव लेगी। बता दें कि इंदौर दौरे के बाद समिति उज्जैन का भी दौरा करेगी। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं।
बता दें कि, विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने 27 अप्रैल को आधिकारिक आदेश जारी कर राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) का मसौदा तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यूसीसी विधेयक का ड्राफ्ट अगले छह महीनों के भीतर तैयार कर लिया जाए। सरकार की योजना इसे इसी वर्ष दिवाली तक लागू करने की है।
कमेटी की अध्यक्षता कर रही हैं रंजना प्रकाश देसाई
यूसीसी मसौदा तैयार करने के लिए गठित इस समिति की कमान सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है। समिति में प्रशासनिक, कानूनी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है। इसमें पूर्व आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, विधि विशेषज्ञ अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा और समाजसेवी बुधपाल सिंह सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यह समिति अलग-अलग सामाजिक और कानूनी पहलुओं का अध्ययन करते हुए ऐसा प्रारूप तैयार करेगी, जो प्रशासनिक जरूरतों के साथ समाजिक संतुलन और शैक्षणिक दृष्टिकोण को भी ध्यान में रखे।
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सभी पहलुओं का अध्यन कर 60 दिनों में सौंपी जाएगी रिपोर्ट
समिति को राज्य में यूसीसी से जुड़े सभी सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर 60 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट और प्रारूप सरकार को सौंपना होगा। इसके लिए समिति उत्तराखंड और गुजरात में लागू यूसीसी व्यवस्था का भी विस्तृत परीक्षण करेगी, ताकि वहां के अनुभवों और प्रावधानों को समझा जा सके।
राज्य के कई व्यक्तिगत कानूनों को खंगालेगी समिति
जानकारी के अनुसार, यूसीसी के लिए बनाई गई यह समिति राज्य के कई व्यक्तिगत कानूनों को खंगालेगी। जिसमें विवाह, भरण-पोषण, गोद लेना, तलाक, विरासत और लिव-इन रिलेशन से जुड़े तमाम प्रवाधान शामिल हैं। इसके अलावा बच्चों और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा वाले प्रवाधानों की भी अच्छे से जांच की जाएगी। साथ ही समिति यह भी देखेगी कि प्रस्तावित कानून को लागू करने में क्या-क्या चुनौतियां आ सकती हैं।
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जनता के पक्ष का भी रखा जाएगा ध्यान
बता दें कि, यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना सिर्फ कागजी काम नही है बल्कि इसके लिए जनता का पक्ष और राय सुननी भी बेहद जरूरी होती है। इंदौर दौरे से यह प्रक्रिया शुरू हो रही है। यहां कमेटी के सामने न केबल सभी पक्ष अपनी बात रख सकेंगे बल्कि इससे ड्राफ्ट तैयार करने में जमीनी हकीकत का भी ध्यान रका जा सकेगा।
