सड़क चौड़ीकरण के लिए निगम ने तोड़े सालों पुराने मकान और दुकान, रहवासियों ने कहा- जिंदा छोड़ने के लिए धन्यवाद
Chhavani People Protest: इंदौर के छावनी में सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर निगम ने मकानों और दुकानों को तोड़ा है। अब स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जल्दबाजी में कार्रवाई की गई है और मुआवजा भी नहीं दिया।
- Written By: प्रीतेश जैन
छावनी में तोड़े हुए मकान और रहवासियों द्वारा लगाए गए बैनर-पोस्टर (फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन)
Indore Chhavani Demolition Protest: इंदौर के छावनी इलाके में नगर निगम द्वारा सड़क चौड़ीकरण के लिए की गई कार्रवाई के बाद अब प्रभावित लोगों का दर्द खुलकर सामने आने लगा है। कुछ दिनों पहले निगम और प्रशासन ने बाधक हिस्सों को हटाने की कार्रवाई करते हुए कई पुराने मकानों और दुकानों को तोड़ दिया था। कार्रवाई के बाद इलाके में मलबे के ढेर और उजड़े आशियाने दिखाई दे रहे हैं, वहीं अब यहां लगे पोस्टर शहरभर में चर्चा का विषय बन गए हैं।
कार्रवाई से प्रभावित लोगों ने इलाके में कई भावुक और तंज भरे पोस्टर लगाए हैं। एक पोस्टर में नगर निगम और प्रशासन को जीवित छोड़ देने के लिए धन्यवाद कहा गया है, जबकि दूसरे पोस्टर में लिखा गया है ‘आज हमारी बारी है, कल तुम्हारी भी आ सकती है।’
प्रशासन ने जल्दबाजी में की कार्रवाई
इन पोस्टरों के जरिए लोग अपना दर्द और नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों पुराने घर और दुकानें कुछ ही घंटों में तोड़ दी गईं, जिससे उनका जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि इंदौर नगर निगम प्रशासन ने कार्रवाई जल्दबाजी में की है। उन्हें ना तो बाधक हिस्से हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया और ना ही घरों और दुकानों से सामान सुरक्षित निकालने का मौका मिला।
सम्बंधित ख़बरें
Yoga Mahotsav : योग और खजुराहो भारतीय संस्कृति के दो अटूट स्तंभ, ‘वन अर्थ-वन हेल्थ’ का वैश्विक संदेश है योग
ट्विशा शर्मा केस: महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा- जांच में जरूरत हुई तो गिरीबाला को हिरासत में लेगी CBI
ट्विशा शर्मा केस: गिरीबाला सिंह के घर पहुंची CBI, कर रही है पूछताछ, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी
भोपाल में IPS अधिकारी और जज की 17 वर्षीय बेटी की मौत, सुसाइड के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
स्थानीयों ने की मुआवजे की मांग
कई परिवारों का दावा है कि कार्रवाई के दौरान उनका जरूरी सामान और व्यापारिक सामग्री भी मलबे में दब गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रशासन द्वारा न तो नुकसान का सर्वे किया गया और न ही आकलन। अब तक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया गया है। कारोबार बंद होने और घर टूटने के बाद कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ये भी पढ़ें : भोपाल में IPS अधिकारी और जज की 17 वर्षीय बेटी की मौत, सुसाइड के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
मुआवजा नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं हुई, तो विरोध और तेज हो सकता है। छावनी इलाके में लगे ये पोस्टर अब शहर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। राहगीर रुककर पोस्टर पढ़ रहे हैं, वहीं कई लोग इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा कर रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के बाद सामने आई यह तस्वीरें विकास और विस्थापन के बीच के दर्द को बयां कर रही हैं।
