इंदौर में दूषित पानी से अब तक 13 की मौत से हाहाकार, हाई कोर्ट ने मोहन सरकार को लगाई फटकार
Indore Death Toll: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से डायरिया फैलने से 13 लोगों की मौत और 1300 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं। MP हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी।
- Written By: अर्पित शुक्ला
इंदौर में दूषित पानी से अब तक 13 की मौत (Image- Social Media)
Indore Water Crisis: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी के कारण होने वाली मौतों का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक दूषित पानी की वजह से 4 मौतें हो चुकी हैं, लेकिन स्थानीय आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में उल्टी, दस्त और डायरिया के कारण 6 महीने के बच्चे समेत कुल 13 लोगों की जान जा चुकी है। दूषित पानी पीने से 1300 से ज्यादा लोग अभी भी बीमार हैं, जबकि 100 से ज्यादा लोग विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का सख्त रुख
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। 2 जनहित याचिकाओं की सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है। नगर निगम और राज्य सरकार को 2 जनवरी तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
राज्य सरकार ने अब तक इस मामले में कार्रवाई करते हुए नगर निगम के 2 अधिकारियों को निलंबित किया है और एक अधिकारी को बर्खास्त भी किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है और कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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अभी खतरे में कोई नहीं
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “200 लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं अभी खतरे में कोई नहीं है एक वेंटिलेटर पर है लेकिन वो ठीक है। हमारी कोशिश लोगों की जान बचाना और ज्यादा से ज्यादा सेवा करना। जो आर्थिक रूप से कमजोर है हम उनकी मदद करने जा रहे हैं। सरकार के अलावा समाज की तरफ से भी मदद करेंगे…”
भागीरथपुरा के 7992 घरों का सर्वे
राहत कार्यों के तहत भागीरथपुरा के 7992 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें करीब 40,000 लोगों की जांच की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में 21 टीमों को तैनात किया है। इंदौर नगर निगम के सभी चैंबरों की सफाई की जा रही है और मेन लाइन की जांच भी पूरी हो चुकी है।
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इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में दर्जनों मरीज गंभीर हालत में भर्ती हैं, जिनमें से 26 से ज्यादा मरीज ICU में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थानीय लोग लंबे समय से दूषित पानी की समस्या से परेशान थे, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।
