अवैध होर्डिंग्स पर इंदौर हाईकोर्ट सख्त, 24 घंटे में हटाएं पोस्टर; जिम्मेदारों पर दर्ज होगी FIR
Illegal Poster Row MP: अवैध होर्डिंग्स और पोस्टरों पर हाईकोर्ट का कड़ा प्रहार, 24 घंटे के भीतर सभी अवैध विज्ञापन हटाने और जिम्मेदारों पर FIR दर्ज करने के आदेश, लाइसेंसधारकों के हितों की होगी रक्षा।
- Written By: सजल रघुवंशी
इंदौर हाईकोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Indore High Court On Illegal Posters: मध्य प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जा रहे अवैध होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टरों को लेकर इंदौर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इस मुद्दे पर दायर याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहरों में नियमों का उल्लंघन कर लगाए गए सभी अवैध विज्ञापनों को 24 घंटे के भीतर हटाया जाए।
कोर्ट ने यह भी कहा कि केवल पोस्टर हटाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि बिना अनुमति विज्ञापन लगाने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रशासनिक अमले की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
मध्य प्रदेश आउटडोर मीडिया रूल्स का हवाला
मामले में याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट विशाल बाहेती ने अदालत को बताया कि मध्य प्रदेश आउटडोर मीडिया रूल्स-2017 के तहत होर्डिंग्स लगाने के लिए विधिवत टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती है और लाइसेंस जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद कई राजनीतिक दल, संगठन और अन्य लोग बिना किसी अनुमति के सार्वजनिक स्थलों पर बैनर और पोस्टर लगा देते हैं, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध हैं। अदालत ने इस तर्क को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को नियमों का सख्ती से पालन कराने और अवैध विज्ञापनों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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पुराने आदेशों का भी दिया गया हवाला
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि इससे पहले जबलपुर हाईकोर्ट भी इसी प्रकार के निर्देश जारी कर चुका है। इसके अलावा वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्य सचिव द्वारा सभी जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को अवैध होर्डिंग्स और पोस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने संबंधी सर्कुलर जारी किया गया था। अदालत ने वर्तमान आदेश में उन निर्देशों का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रशासन को पहले से जारी दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करना चाहिए। इससे साफ संकेत मिला है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
लाइसेंसधारकों को राहत, अवैध विज्ञापन लगाने वालों पर शिकंजा
हाईकोर्ट ने यह भी माना कि वैध लाइसेंस प्राप्त एजेंसियां होर्डिंग्स लगाने के लिए सरकार को लाखों रुपये की लाइसेंस फीस जमा करती हैं, जबकि अवैध रूप से लगाए गए पोस्टरों और बैनरों के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में अवैध विज्ञापनों पर कार्रवाई करना न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि वैध एजेंसियों के हितों की भी रक्षा करेगा।
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कोर्ट के आदेश के बाद अब जिला प्रशासन और नगर निकायों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रदेशभर में अवैध होर्डिंग्स और पोस्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
