सरकारी नौकरी मिली, जॉइनिंग नहीं: मांग को लेकर भोपाल में आदिम जनजाति कार्यालय पर प्राथमिक शिक्षकों का प्रदर्शन
Teachers Protest Bhopal: भोपाल में चयनित प्राथमिक शिक्षकों का हल्लाबोल, रिजल्ट आए बीते महीने, फिर भी अटका नियुक्ति पत्र, आदिम जनजाति कार्य विभाग के बाहर प्रदर्शन कर जल्द आदेश जारी करने की उठाई मांग।
- Reported By: शिवम दत्त तिवारी | Edited By: सजल रघुवंशी
प्राथमिक शिक्षकों का भोपाल में प्रदर्शन (सोर्स- नवभारत लाइव)
Protest Outside Tribal Department Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आदिम जनजाति कार्य विभाग के कार्यालय के बाहर चयनित प्राथमिक शिक्षकों ने नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा पिछले वर्ष जुलाई में आयोजित की गई थी और फरवरी में इसका परिणाम भी घोषित हो चुका है।
इसके बावजूद कई महीने बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इससे चयनित उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने विभाग से जल्द नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग करते हुए कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
चार बार आवेदन, हर बार मिला सिर्फ आश्वासन
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि वह अब तक चार बार आदिम जनजाति कार्य विभाग को ज्ञापन और आवेदन सौंप चुके हैं। हर बार अधिकारियों की ओर से जल्द नियुक्ति का भरोसा दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उनका आरोप है कि विभाग की धीमी कार्यप्रणाली और लापरवाही के कारण चयनित होने के बावजूद वे नौकरी से वंचित हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्ति में अनावश्यक देरी समझ से परे है।
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आर्थिक और सामाजिक संकट झेल रहे अभ्यर्थी
चयनित शिक्षकों का कहना है कि नियुक्ति नहीं मिलने से वे आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। कई उम्मीदवारों ने सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद में अपनी निजी नौकरियां छोड़ दी थीं, जबकि कुछ परिवार की जिम्मेदारियों के कारण गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन सूची में नाम आने के बाद भी बेरोजगार की तरह जीवन बिताना उनके लिए मानसिक तनाव का कारण बन गया है। उन्होंने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की।
स्कूल शिक्षा विभाग से तुलना, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी भर्ती अवधि में स्कूल शिक्षा विभाग के करीब 10 हजार चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि आदिम जनजाति कार्य विभाग अब तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं कर पाया।
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उनका कहना है कि देश का भविष्य तैयार करने वाले शिक्षक आज अपनी ही नियुक्ति के लिए धरना देने को मजबूर हैं। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए गए तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और सरकार की होगी।
