'पहले वोट चोरी और अब सीट चोरी...' जबलपुर हाईकोर्ट में मीनाक्षी नटराजन ने दायर की याचिका; BJP पर साधा निशाना

Meenakshi Natarajan Statement: राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर जबलपुर हाईकोर्ट पहुंचीं कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन, बोलीं- 'अब वोट के साथ सीटें भी चुराई जा रही हैं', नीट और UCC पर भी बोला तीखा हमला।
Congress leader Meenakshi Natarajan has filed a petition in the Gwalior High Court, alleging electoral irregularities and accusing the BJP of "seat theft" after "vote theft"
मीनाक्षी नटराजन (सोर्स- नवभारत लाइव)
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Meenakshi Natarajan Petition In Jabalpur High Court: जबलपुर में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्यसभा सांसद चुनाव में अपना नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करने की जानकारी दी और कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि लोकतंत्र में पहले वोट चोरी की बातें होती थीं, लेकिन अब सीट चोरी की जा रही है और संगठन तक चोरी होने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर किया जा रहा है, हालांकि उन्हें विश्वास है कि अदालत से न्याय मिलेगा।

युवाओं की आवाज दबा रही भाजपा सरकार

नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं की आवाज दबाने का काम कर रही है। सोनम वांगचुक को हिरासत में लेने और प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई की उन्होंने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि संविधान के दायरे में शांतिपूर्ण आंदोलन करने वालों के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।

"सरकार हर आंदोलनकारी को बता रही देशद्रोही"

पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार हर आंदोलनकारी को देशद्रोही बताकर उसकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि यह आंदोलन देश के खिलाफ नहीं बल्कि सरकार की नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक संघर्ष है। प्रदर्शन के दौरान देश विरोधी नारे लगने पर साजिश की आशंका भी जताई और जांच कर उचित कार्यवाही करने की मांग की।

समता और समानता क्या चाहती है सरकार

यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) विधेयक को लेकर भी मीनाक्षी नटराजन ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में विभिन्न धर्मों, जातियों और विशेष रूप से आदिवासी समाज की अपनी अलग-अलग परंपराएं और अधिकार हैं। ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि समानता और समता के नाम पर वह क्या लागू करना चाहती है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार सभी समुदायों की परंपराओं को एक ही तरीके से लागू करवाना चाहती है।

पूर्व सांसद ने कहा कि विविधताओं वाले देश में किसी भी कानून को लागू करते समय सभी वर्गों की परंपराओं, अधिकारों और संवैधानिक प्रावधानों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाती रहेगी।

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