नीमच: कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अनदेखी से तंग ग्रामीण ने खुद पर डाला केरोसिन, आत्मदाह का करने का किया प्रयास
Neemuch Administrative Negligence: नीमच कलेक्ट्रेट में हड़कंप, 11 बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने से परेशान ग्रामीण ने गले में कागजातों की माला पहनकर किया आत्मदाह का प्रयास।
- Reported By: देवेन्द्र मोर्य | Edited By: सजल रघुवंशी
नीमच कलेक्ट्रेट में व्यक्ति ने की आत्मदाह की कोशिश (सोर्स- सोशल मीडिया)
Neemuch Collectorate Man Self-Immolation Attempt: मध्य प्रदेश के नीमच कलेक्टर कार्यालय परिसर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रतनगढ़ क्षेत्र के ग्राम आलोरी गरवाड़ा निवासी चांदमल चारण ने प्रशासनिक अनदेखी से परेशान होकर आत्मदाह का प्रयास किया। चांदमल अपने गले में जनसुनवाई में दिए गए 11 शिकायत आवेदन से जुड़े 50 से अधिक दस्तावेजों की माला पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।
विरोध जताने के दौरान उन्होंने अचानक अपने ऊपर केरोसिन उड़ेल लिया और माचिस निकालकर आग लगाने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए उनके हाथ से केरोसिन की बोतल और माचिस छीन ली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
11 बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई का आरोप
घटना के बाद चांदमल चारण ने आरोप लगाया कि ग्राम कचमारिया और आलोरी गरवाड़ा पंचायत की शासकीय भूमि पर किशनराम पिता नन्दराम चारण द्वारा कथित रूप से अवैध अतिक्रमण किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए वे लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। अब तक वे जनसुनवाई सहित विभिन्न माध्यमों से 11 बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन मिले, समाधान नहीं।
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प्रशासनिक उदासीनता से क्षुब्ध होकर उठाया कदम
पीड़ित ग्रामीण का कहना है कि लगातार उपेक्षा और शिकायतों के निराकरण में देरी के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हो चुके थे। इसी वजह से उन्होंने विरोध के रूप में आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने का प्रयास किया। उनका कहना है कि यदि समय रहते उनकी शिकायतों पर कार्रवाई की जाती तो उन्हें ऐसा कदम उठाने की नौबत नहीं आती। चांदमल ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय भूमि से कथित अवैध कब्जा तत्काल हटाया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जनसुनवाई व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच की मांग
नीमच कलेक्ट्रेट परिसर में हुई इस घटना ने जिला प्रशासन की जनसुनवाई व्यवस्था और शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तरह एक शिकायतकर्ता को अपनी बात मनवाने के लिए आत्मदाह का प्रयास करना पड़ा, उसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
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फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर बड़ी दुर्घटना टाल दी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन शिकायत की जांच कर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित की मांगों पर कब तक निर्णय लिया जाता है।
