वायरल वीडियो के बाद इंस्पेक्टर पर गिरी गाज; बसई जगनेर थाना प्रभारी हटाए गए, विभागीय जांच शुरू

Agra Viral Video: आगरा के बसई जगनेर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी धर्मेंद्र भाटी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें पद से हटा दिया है। DCP पश्चिमी ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
Agra SHO Removed After Viral Video Sparks Controversy, Departmental Inquiry Ordered
आदित्य कुमार, DCP वेस्ट, आगरा पुलिस कमिश्नरेट (सोर्स- फोटो नवभारत)
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Agra Viral Video Basai Jagner Police Station: ताजनगरी आगरा में एक वायरल वीडियो ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। आमतौर पर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले आपराधिक और आपत्तिजनक वीडियो पर कार्रवाई करने वाली पुलिस इस बार खुद सवालों के घेरे में आ गई। पुलिस कमिश्नरेट के पश्चिमी जोन स्थित बसई जगनेर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी धर्मेंद्र भाटी का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।

तेज न बनते तो रवि का नाम मुकदमे से बाहर निकल जाता

वायरल वीडियो में इंस्पेक्टर धर्मेंद्र भाटी एक व्यक्ति से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान वह कथित रूप से दुष्कर्म के एक मुकदमे का जिक्र करते हुए कहते सुनाई देते हैं कि दो युवक करीब 15 दिनों तक थाने में रहे थे। वीडियो में उनके कथित शब्द— "जब वह तेज बन गए तो वह जेल गए... तेज न बनते तो रवि का नाम मुकदमे से बाहर निकल जाता" — अब पूरे विवाद का केंद्र बन गए हैं।

न्यायालय में भी विचाराधीन है यह मामला

वीडियो वायरल होने के बाद अभियुक्त पक्ष के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। उनका आरोप है कि एक अभियुक्त आदित्य को करीब 15 दिनों तक थाने में अवैध रूप से रखा गया था। मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है।

इस पूरे प्रकरण पर डीसीपी पश्चिमी आदित्य कुमार ने वीडियो जारी कर बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रकरण न्यायालय में लंबित है तथा लगाए गए आरोपों की विभागीय जांच कराई जा रही है। साथ ही तत्काल प्रभाव से बसई जगनेर थाना प्रभारी को उनके पद से हटा दिया गया है।

वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया पुलिस प्रशासन

गौरतलब है कि इस पूरे मामले को नवभारत ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर सामने आने और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और थाना प्रभारी को हटाते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में किए गए कथित दावे कितने सही हैं और संबंधित अधिकारियों की क्या जिम्मेदारी बनती है।

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