ग्वालियर के पदमपुर खेरिया में बिजली संकट गहराया, ग्रामीणों ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, चक्काजाम की चेतावनी
Villagers Protest: पदमपुर खेरिया गांव में कई दिनों से लाइट गुल रहने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शन कर 48 घंटे में बिजली बहाल नहीं होने पर चक्का जाम और बिजली कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी।
- Reported By: निशांत तिवारी | Edited By: प्रीतेश जैन
ग्रामीणों का प्रदर्शन (फोटो सोर्स- नवभारत)
Gwalior Power Cut Protest: ग्वालियर शहर से लगे पदमपुर खेरिया गांव में कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लगातार बिजली नहीं मिलने से भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। परेशान ग्रामीणों ने गांव में प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई घर पिछले कई दिनों से अंधेरे में हैं। बिजली नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। गर्मी और उमस के चलते लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है।
शिकायत के बावजूद समधान नहीं
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे और न ही बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए।
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विधायक और मंत्री पर फूटा गुस्सा
ग्रामीणों ने क्षेत्र के कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और बिजली विभाग के अधिकारियों पर भी उनकी समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चुनाव के बाद जनप्रतिनिधियों ने गांव की ओर ध्यान नहीं दिया, जबकि बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
48 घंटे का दिया अल्टीमेटम
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि अगले 24 से 48 घंटे के भीतर प्रभावित घरों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर चक्का जाम करेंगे। साथ ही बिजली कंपनी के कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा। उनका कहना है कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी बिजली कंपनी और स्थानीय प्रशासन की होगी।
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आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन में कांग्रेस युवा नेता योगेश दंडोतिया भी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
