ग्वालियर में टला बड़ा हादसा, बरसात से पहले ही मुरार में धंसी निर्माणाधीन सड़क; स्कूल बस फंसी
Gwalior Road Cave In Morar: ग्वालियर के मुरार में निर्माणाधीन सड़क धंसने से फंसी बच्चों से भरी स्कूल बस, घटिया निर्माण को लेकर फूटा जनता का कूट आक्रोश।
- Reported By: निशांत तिवारी | Edited By: सजल रघुवंशी
ग्वालियर में टला बड़ा हादसा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Gwalior School Bus Stucked In Pithole: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मुरार क्षेत्र में निर्माणाधीन सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस जाने से एक स्कूल बस उसमें फंस गई। घटना के समय बस में कई स्कूली बच्चे सवार थे।
बस धंसते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन स्थानीय लोगों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों ने लगाए घटिया निर्माण सामग्री के आरोप
घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है और घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है। उनका कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले ही सड़क का धंस जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया, तो बारिश के दौरान इससे और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
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दो दिन पहले भी हुआ था सड़क निर्माण का विरोध
गौरतलब है कि इसी सड़क निर्माण को लेकर दो दिन पहले भी स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। उस समय भी नागरिकों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ठेकेदार के कर्मचारियों का विरोध किया था। विवाद इतना बढ़ गया था कि नाराज लोगों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ और अब स्कूल बस के धंसने की घटना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
जांच और कार्रवाई की मांग हुई तेज
स्कूल बस के धंसने की घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने सड़क निर्माण की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता आम लोगों की जान के लिए खतरा बनता जा रहा है।
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फिलहाल यह घटना जिला प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
