

Sajjan Singh Verma Statement : इंदौर में 19 सितंबर को हुए राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कार्यक्रम में छात्रों से शिक्षा, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं और अन्य मुद्दों पर संवाद हुआ था। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री और मंच पर सुरक्षा को लेकर हुए विवाद पर भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर भाजपा की आलोचना पर जवाब दिया। वर्मा ने कहा कि किसी प्रधानमंत्री की मिमिक्री करना अपने आप में अपराध नहीं है। उन्होंने कार्यक्रम में दिखाई गई मिमिक्री को प्रधानमंत्री की कार्यशैली पर राजनीतिक व्यंग्य बताया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी की मिमिक्री किए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई है।
मंच पर छात्रों की मौजूदगी को लेकर उठ रहे सवालों पर सज्जन वर्मा ने कहा कि कार्यक्रम में आदिवासी और अनुसूचित जाति वर्ग के लोग भी मंच पर मिले। उन्होंने भाजपा की ओर से कार्यक्रम में शामिल लोगों को कांग्रेस परिवार से जुड़े बताए जाने पर सवाल उठाया। वर्मा ने दावा किया कि 'छात्रों की गूंज' में बड़ी संख्या में युवा अपनी इच्छा से पहुंचे और कार्यक्रम को लेकर युवाओं में उत्साह रहा।
सज्जन सिंह वर्मा ने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय छात्रों को दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र कार्यक्रम में पहुंचे और अपनी बात रखी। राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा, नर्सिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए थे। कार्यक्रम में हजारों लोग बाहर लगी स्क्रीन के जरिए भी संवाद देखते रहे।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर पुलिस और राहुल गांधी की सुरक्षा टीम से जुड़े लोगों के बीच विवाद का वीडियो सामने आया था। इस घटनाक्रम को लेकर सज्जन सिंह वर्मा ने पुलिस अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि मंच पर आए अधिकारी को यह समझना चाहिए कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। उन्होंने कहा कि यह राहुल गांधी का कार्यक्रम था और अधिकारी का इस तरह मंच पर जाकर विवाद करना उचित नहीं था। मंच पर सुरक्षा को लेकर विवाद की घटना की रिपोर्ट भी सामने आई है।
सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि 'छात्रों की गूंज' सिर्फ इंदौर तक सीमित कार्यक्रम नहीं है और इसकी गूंज दिल्ली तक गई है। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुई घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि युवा जिस दिशा में आगे बढ़ता है, राजनीति पर उसका प्रभाव पड़ता है। वहीं, राहुल गांधी के कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवाल उठाए थे और राहुल गांधी ने भी अपने संबोधन में छात्रों के सवाल पूछने और व्यवस्था से जवाब मांगने की बात कही थी।