डिंडौरी में 108 एम्बुलेंस बनी जीवनदायिनी: रास्ते में स्टाफ ने कराया सुरक्षित प्रसव, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
Dindori News : डिंडौरी के बरगई गांव में प्रसव पीड़ा के दौरान 108 एम्बुलेंस में सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। चालक, ईएमटी और आशा कार्यकर्ता की सूझबूझ से जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
- Reported By: दीपक ताम्रकार | Edited By: प्रीतेश जैन
एंबुलेंस स्टाफ ने कराई डिलीवरी (फोटो सोर्स- नवभारत)
Dindori Pregnant Woman Delivery In Ambulance: डिंडौरी जिले में 108 जननी एक्सप्रेस सेवा एक बार फिर संकट की घड़ी में जीवनदायिनी साबित हुई। शाहपुर क्षेत्र के बरगई गांव से प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती महिला लीला बाई को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी स्थिति अचानक गंभीर हो गई और प्रसव पीड़ा तेज हो गई।
परिस्थिति बिगड़ते देख एम्बुलेंस स्टाफ ने बिना समय गंवाए तत्काल स्थिति को संभाला। 108 एम्बुलेंस में मौजूद चालक ओम प्रकाश कश्यप, ईएमटी संजय कश्यप और साथ में मौजूद आशा कार्यकर्ता ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए वाहन को ही अस्थायी प्रसव कक्ष में बदल दिया। टीम ने आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाते हुए सुरक्षित प्रसव कराया। इस दौरान टीम ने पूरी सतर्कता और धैर्य के साथ काम किया, जिससे किसी प्रकार की जटिलता उत्पन्न नहीं हुई।
जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित
सफल प्रसव के बाद महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद जच्चा और नवजात दोनों को तत्काल शाहपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों की स्थिति पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित बताई। यदि एम्बुलेंस टीम समय पर सक्रिय नहीं होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। लेकिन चालक, ईएमटी और आशा कार्यकर्ता के त्वरित निर्णय और टीमवर्क के कारण सुरक्षित प्रसव संभव हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता और 108 एम्बुलेंस सेवा की उपयोगिता को एक बार फिर साबित करती है।
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ग्रामीणों ने की टीम की सराहना
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने 108 एम्बुलेंस स्टाफ की जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में जिस तरह से टीम ने बिना घबराए जिम्मेदारी निभाई, वह काबिले तारीफ है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर थोड़ी भी देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
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108 सेवा बनी ग्रामीण क्षेत्रों का सहारा
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि 108 जननी एक्सप्रेस सेवा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य आपात स्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समय पर मदद और प्रशिक्षित स्टाफ के कारण कई जिंदगियां सुरक्षित हो रही हैं। डिंडौरी की यह घटना भी इसी का उदाहरण बन गई है, जहां एक परिवार की खुशियां समय पर मिली सहायता से बच गईं।
