दमोह में धीरेंद्र शास्त्री की बेटियों से अपील, कहा-तुम दुर्गा बनो, तुम काली बनो लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनना

Sanatan Hindu Ekta Yatra : दमोह जिले की धर्मनगरी हटा में सोमवार और मंगलवार की रात आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। साथ ही उन्होंने बेटियों से लव जिहाद से बचने की अपील भी की।
Pandit Dhirendra krishna Shastri Sanatan Hindu Ekta Yatra
बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्राफोटो सोर्स - नवभारत
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Highlights:

  • दमोह के हटा में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा करीब सात घंटे की देरी से पहुंची, फिर भी देर रात 2 बजे तक हजारों श्रद्धालु डटे रहे।

  • बाबा बागेश्वर ने जात-पात मिटाकर हिंदू समाज को एकजुट होने का संदेश दिया और यात्रा को राजनीतिक नहीं, बल्कि रामनैतिक बताया।

  • बेटियों को सोशल मीडिया रील देखकर प्रभावित होने से बचने और जीवनसाथी चुनते समय सतर्क रहने की सलाह दी।

  • दिव्य दरबार में श्रद्धालुओं की अर्जियां सुनी गईं। दरबार का सिलसिला सुबह करीब 4 बजे तक चला।

Dhirendra Krishna Shastri Hata visit : दमोह जिले की धर्मनगरी हटा में सोमवार और मंगलवार की रात आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा करीब सात घंटे की देरी से हटा पहुंची, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।

देर रात दो बजे तक हजारों लोग महाराज के स्वागत और दर्शन के लिए डटे रहे। जैसे ही उनका रथ दद्दा कला मंच के समीप पहुंचा, पूरा क्षेत्र धार्मिक जयकारों से गूंज उठा।

जात-पात मिटाकर हिंदू एकता का किया आह्वान

देव श्री गौरीशंकर मंदिर परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जातिगत भेदभाव मिटाकर हिंदू समाज को एकजुट होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा राजनीतिक नहीं, बल्कि रामनैतिक यात्रा है। इसका उद्देश्य समाज को जागरूक करना और लोगों को एकता के सूत्र में बांधना है। उन्होंने गौ रक्षा, लव जिहाद और नशामुक्ति जैसे विषयों पर भी विचार रखे और राष्ट्रहित में एकजुट रहने का आह्वान किया।

बेटियों को लव जिहाद से बचने की सलाह

बाबा बागेश्वर ने कहा कि रथयात्रा का उद्देश्य लव जिहाद मुक्त भारत बनाना है। उन्होंने बेटियों से कहा, बेटियों तुम दुर्गा बनो, तुम काली बनो लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनना। उन्होंने सोशल मीडिया रील देखकर प्रभावित होने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि हर लड़का सुंदर हो सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि वह अच्छा जीवनसाथी भी हो। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का सुंदर दिखना उसके चरित्र के सुंदर होने की गारंटी नहीं है। बाबा बागेश्वर ने टिप्पणी की कि आजकल सुंदर दिखने वाले लोगों का चरित्र ज्यादा घटिया होता है।

दिव्य दरबार में सुबह चार बजे तक उमड़ी भीड़

संबोधन के बाद बागेश्वर सरकार ने दिव्य दरबार लगाया। इस दौरान श्रद्धालुओं की अर्जियां सुनी गईं और कुछ लोगों को मंच पर बुलाकर उनकी समस्याओं के संबंध में पर्चे निकाले गए। दरबार में रजपुरा, लुहारी, मगरोन, बटियागढ़, दमोह और कोलकाता सहित विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचे। देर रात शुरू हुआ यह सिलसिला सुबह करीब चार बजे तक चलता रहा। सात घंटे की देरी के बावजूद लोगों का उत्साह देखकर महाराज ने प्रसन्नता जताई।

5 साल बाद हटा पहुंचने पर जताई खुशी

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि करीब पांच साल बाद हटा आने का अवसर मिला है। श्रद्धालुओं के उत्साह को देखकर उन्हें पांच साल पहले जैसा माहौल नजर आ रहा है। उन्होंने यात्रा के सातों संकल्प दोहराते हुए लोगों से जातिगत भेदभाव से ऊपर उठने और हिंदू समाज की एकता के लिए काम करने की अपील की। साथ ही आयोजन की व्यवस्थाओं के लिए हटा बागेश्वर धाम शिष्य मंडल, महंत श्याम दास महाराज और पुष्पेंद्र हजारी की सराहना की।

संत-महात्माओं और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास महाराज, मलूकपीठ के गंगादास महाराज, हरिद्वार के मौनी महाराज और चित्रकूट धाम के राधेश्याम महाराज सहित कई संत-महात्मा मौजूद रहे। हटा विधायक उमादेवी खटीक, लालचंद खटीक, पुष्पेंद्र हजारी और अनुराग वर्धन हजारी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

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गौरीशंकर मंदिर में दर्शन के बाद पटेरा रवाना हुई यात्रा

मंगलवार सुबह धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देव श्री गौरीशंकर मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे रथ पर सवार होकर हटा के प्रमुख मार्गों से निकले, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। यात्रा में देरी के चलते 13 अक्टूबर की सुबह के कुछ निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए। दर्शन और नगर भ्रमण के बाद सनातन हिंदू एकता रथयात्रा अपने अगले पड़ाव पटेरा के लिए रवाना हो गई।

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