बागेश्वर धाम से सनातन एकता रथ यात्रा शुरू, 5 दिन में 5 जिलों से गुजरेगी, धीरेंद्र शास्त्री बोले- सनातनी एक हों

Dhirendra Krishna Shastri Yatra : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 5 दिवसीय सनातन एकता रथ यात्रा शुरू हुई। यात्रा पांच जिलों में करीब 500 किलोमीटर चलेगी। सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां की हैं।
Dhirendra Krishna Shastri inaugurates the Sanatan Ekta Rath Yatra
सनातन एकता रथ यात्रा में शामिल धीरेंद्र शास्त्रीफोटो सोर्स- नवभारत
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Highlights:

  • बागेश्वर धाम से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पांच दिवसीय सनातन एकता रथ यात्रा शुरू।

  • पांच दिनों में पांच जिलों से गुजरकर करीब 500 किलोमीटर की दूरी तय करने का कार्यक्रम।

  • राष्ट्रगान, हनुमान चालीसा और ध्वजारोहण के साथ हुआ शुभारंभ।

  • यात्रा में 300 से 400 वाहनों के शामिल होने का अनुमान, दूसरे जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया।

  • संतों और कथावाचकों की सहभागिता, सनातन धर्म के अनुयायियों से शामिल होने की अपील।

Bageshwar Dham Sanatan Ekta Rath Yatra : छतरपुर के बागेश्वर धाम से पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पांच दिवसीय सनातन एकता रथ यात्रा की शुरुआत हुई। यात्रा शुरू होने से पहले उन्होंने बागेश्वर बालाजी के दर्शन कर विशेष पूजन-अनुष्ठान किया।

धीरेंद्र शास्त्री ने मंच पर ध्वजारोहण किया और राष्ट्रगान के साथ हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। संतों की मौजूदगी में शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म के अनुयायियों को एकजुट करने और हिंदू राष्ट्र के विचार को लेकर जनजागरण करना बताया गया है।

यह विचारों की यात्रा है: शास्त्री

यात्रा के शुभारंभ अवसर पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यह विचारों की यात्रा है, जिसके माध्यम से देशभर में लोगों को सनातन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बुंदेलखंड सहित देशभर के सनातन धर्मावलंबियों से यात्रा में शामिल होने की अपील की।

'सभी सनातनी एक हों'

शास्त्री ने कहा कि सभी में जागृति आए और सनातनी एक हों, यही यात्रा का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने देश में शांति बनाए रखने और अराजकता से बचने का संदेश देते हुए कहा कि सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन देश की बदनामी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा का विरोध करने वाले लोग भी अपने हैं और उनके माध्यम से भी सनातन से जुड़ी बात लोगों तक पहुंच रही है।

पांच दिन में पांच जिलों से गुजरेगी रथ यात्रा

यह यात्रा पांच दिनों में बुंदेलखंड के पांच जिलों से गुजरते हुए करीब 500 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। पहले दिन यात्रा बागेश्वर धाम से रवाना होकर गंज, बमीठा और चंद्रनगर होते हुए अजयगढ़ पहुंचेगी। यहां दोपहर में विश्राम के बाद यात्रा का रात्रि विश्राम पन्ना में होगा। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी है। रास्ते में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर रथ यात्रा का स्वागत किया गया। आयोजकों की ओर से बुंदेलखंड के साथ देश के अन्य हिस्सों से भी सनातन धर्मावलंबियों को यात्रा में सहभागिता करने का आह्वान किया गया है।

संतों और कथावाचकों की भी रहेगी सहभागिता

पांच दिवसीय यात्रा में विभिन्न धार्मिक संतों और कथावाचकों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। पहले दिन वृंदावन के कथावाचक इंद्रेश महाराज, देवी चित्रलेखा, अयोध्या की हनुमानगढ़ी से राजू दास महाराज, मलूक पीठ के गंगा दास महाराज, हरिद्वार के मौनी महाराज और चित्रकूट के राधेश्याम महाराज के शामिल होने की बात कही गई है। यात्रा में सबसे आगे बागेश्वर बालाजी का सुसज्जित रथ चल रहा है। इसके पीछे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के लिए तैयार रथ या वाहन के साथ श्रद्धालुओं के वाहन शामिल हुए। यात्रा के दौरान धार्मिक माहौल और श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला।

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सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन अलर्ट

रथ यात्रा को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए छतरपुर कलेक्टर मृणाल मीणा और पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बागेश्वर धाम पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले के मुताबिक, यात्रा मार्ग पर किसी तरह का अवरोध न हो, इसके लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। यात्रा में 300 से 400 वाहनों के शामिल होने का अनुमान है। इसे देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और दूसरे जिलों से भी पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती रहेगी। प्रशासन ने यात्रा को सुगम बनाने के साथ यातायात प्रभावित न हो, इस पर भी चर्चा की है।

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