दमोह: 141 सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों का कटा वेतन, सार्थक ऐप पर अटेंडेंस नहीं लगाने पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई
Damoh Collector Action: दमोह में सार्थक ऐप पर डिजिटल अटेंडेंस दर्ज नहीं करने वाले 141 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन काटा गया है। कलेक्टर ने समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई की।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
दमोह कलेक्टर (फोटो सोर्स- नवभारत)
Damoh Sarthak App Salary Cut: दमोह जिले में शासकीय कार्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सार्थक ऐप के माध्यम से डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 141 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन काट दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर की गई।
इसमें स्वास्थ्य विभाग सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। बुधवार शाम कलेक्टर ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि शासन के निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्ती जारी रहेगी।
लगातार मिल रही थीं शिकायतें
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी और अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय और स्वास्थ्य संस्थानों में नहीं पहुंच रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि शासन के निर्देशों के बावजूद कई कर्मचारी सार्थक ऐप के माध्यम से अनिवार्य चेक-इन और चेक-आउट नहीं कर रहे थे। इसके बाद सभी विभागों में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए।
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141 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित मिले
प्रशासन ने सार्थक ऐप के रिकॉर्ड का परीक्षण कर अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की अवधि का सत्यापन कराया। जांच में 141 अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित अवधि तक अनुपस्थित पाए गए। इसके आधार पर जितने दिन वे अनुपस्थित रहे, उतने दिनों का वेतन काटकर शेष राशि का भुगतान किया गया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई शासन की डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था को प्रभावी बनाने और कर्मचारियों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
आम जनता पर पड़ता है असर
कलेक्टर ने कहा कि अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की अनुपस्थिति या देर से पहुंचने का सबसे अधिक असर आम जनता पर पड़ता है। मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंद लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को समय पर चेक-इन और चेक-आउट करने तथा निर्धारित समय तक अपनी सेवाएं देने के निर्देश दिए हैं।
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समय का करेंगे पालन
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने यह भी बताया कि कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया है कि भविष्य में सभी अधिकारी और कर्मचारी समय का पालन करेंगे और सार्थक ऐप के माध्यम से नियमित उपस्थिति दर्ज करेंगे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में भी लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
