CM के बेटे ने सामूहिक सम्मेलन में रचाई शादी
MP CM Mohan Yadav son wedding in group marriage: मध्य प्रदेश से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने वीआईपी कल्चर की परिभाषा बदल दी है। जहां नेता और उद्योगपति शादियों पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाते हैं, वहीं सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव ने उज्जैन में आयोजित एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में बेहद सादगी से सात फेरे लिए। डॉ. इशिता पटेल के साथ विवाह बंधन में बंधे सीएम के बेटे के साथ 21 अन्य जोड़ों का भी विवाह हुआ। इस मौके पर बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम सरकार भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
यह भव्य लेकिन सादगीपूर्ण कार्यक्रम उज्जैन के सांवराखेड़ी में संपन्न हुआ। वरमाला और फेरों के दौरान खुद योग गुरु बाबा रामदेव ने मंत्रोच्चार किया। इस विवाह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मंत्री तुलसी सिलावट जैसे दिग्गज शामिल हुए। लेकिन सबसे खास बात यह रही कि एक तरफ प्रदेश को चलाने वाले मुख्यमंत्री का बेटा फेरे ले रहा था, तो उसी मंडप में एक ड्राइवर का बेटा भी दूल्हा बना था। सीएम मोहन यादव ने समाज को फिजूलखर्ची से बचने और समानता का यह अनोखा संदेश दिया है।
योग गुरु बाबा रामदेव ने इस मौके पर समाज को एक नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि अब हमें ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ से हटकर ‘डिवाइन वेडिंग’ की ओर बढ़ना चाहिए। नेताओं और उद्योगपतियों को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए कि महंगी शादियों के खर्च को कम किया जाए। इसी दौरान माहौल तब और खुशनुमा हो गया जब बाबा रामदेव ने पास खड़े बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से चुटकी लेते हुए कहा कि महाराज, आपका विवाह भी हम इसी तरह सामूहिक सम्मेलन में ही करवाएंगे। वहीं, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह भेदभाव मिटाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि हमारी पदयात्रा का नारा था ‘जात-पात की करो विदाई’, आज सीएम साहब ने उसे सच करके दिखा दिया है कि हम सब हिंदू भाई-भाई हैं।
यह भी पढ़ें: 2026 से पहले लाल आतंक का अंत? 26 जवानों की शहादत का गुनहगार भीमा समेत 37 नक्सलियों ने डाले हथियार
इस सामूहिक विवाह में कुल 22 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। पहले 21 जोड़े तय थे, लेकिन बाद में एक और जोड़ा शामिल हुआ। नवविवाहितों को आशीर्वाद देने के साथ-साथ संतों ने दिल खोलकर आर्थिक मदद की घोषणा भी की। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने प्रत्येक दंपति को सवा लाख रुपये देने का ऐलान किया। वहीं, पतंजलि योगपीठ की तरफ से बाबा रामदेव ने हर जोड़े को एक-एक लाख रुपये का शगुन देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री द्वारा अपने बेटे की शादी इतने साधारण तरीके से, आम जनता के बीच कराने की चर्चा और सराहना अब पूरे देश में हो रही है।