छिंदवाड़ा की सियालघोघरी खदान में मजदूर की मौत, साथी मजदूरों ने किया हंगामा, निष्पक्ष जांच की मांग

Chhindwara Mine Accident : छिंदवाड़ा की सियालघोघरी खदान में मजदूर सुमेर सकोन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मजदूरों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की।
Workers protest after miner dies in suspected circumstances
खदान के वर्कर्स ने किया प्रदर्शनफोटो सोर्स- नवभारत
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Chhindwara Siyalghoghri Mine Worker Death : छिंदवाड़ा जिले के कोयलांचल क्षेत्र की सियालघोघरी खदान में एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। खदान के अंदर से मजदूर को बेहोशी की हालत में बाहर लाकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान दमुआ निवासी सुमेर सकोन के रूप में हुई है। वह खदान नंबर-2 पिट में डिकिंग का काम करता था।

प्रत्यक्षदर्शी मजदूर दिनेश के मुताबिक, सुमेर को बेहोशी की हालत में स्ट्रक्चर पर लिटाकर खदान के अंदर से बाहर लाया गया। इसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद खदान में काम करने वाले अन्य मजदूरों में आक्रोश फैल गया।

खदान के बाहर मजदूरों ने किया प्रदर्शन

मजदूर घटना के बाद खदान के सामने एकत्रित हो गए और हंगामा करते हुए नारेबाजी की। मजदूरों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि खदान में सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।

मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं

फिलहाल सुमेर की मौत की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मजदूरों ने खदान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि काम के दौरान सुरक्षा मानकों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस विधायक ने खदान प्रबंधन पर उठाए सवाल

मामले को लेकर कांग्रेस विधायक सोहन वाल्मीकि का वीडियो भी सामने आया है। उन्होंने खदान प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रबंधक चौधरी, एचआर पांडे और टीएमसी से जुड़े अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी अंडरग्राउंड खदान में दो महिला मजदूरों के बेहोश होने समेत कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

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वेंटिलेशन व्यवस्था को लेकर भी आरोप

सोहन वाल्मीकि ने खदान में वेंटिलेशन और हवा की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि अंडरग्राउंड खदान में पर्याप्त हवा नहीं पहुंचने के कारण मजदूरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सुमेर की मौत को गंभीर घटना बताते हुए प्रशासन से मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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