छिंदवाड़ा फैक्ट्री ब्लास्ट की आग में झुलसे मजदूर का हटाया ऑक्सीजन मास्क; नागपुर के निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप
Nagpur Hospital Serious Allegation: छिंदवाड़ा में हादसा, एसीसी ब्लॉक फैक्ट्री में भट्टी ब्लास्ट से मजदूर मंगलू यादव गंभीर झुलसा, नागपुर अस्पताल पर पैसे के लिए ऑक्सीजन हटाने का आरोप।
- Reported By: मनीष तिवारी | Edited By: सजल रघुवंशी
ग्रीन लाईट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Chhindwara Factory Blast: छिंदवाड़ा के उमरेठ तहसील के अंतर्गत ग्राम जमुनियाजेठू में नरेश पीपल की पीपले कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड की ग्रीन लाईट एसीसी ब्लॉक की फैक्ट्री है। फैक्ट्री में सीमेंट के ब्लॉक बनाये जाते हैं। फैक्ट्री में एक बड़ी भट्टी है जिसमें आग का कंप्रेसर रहता है जिसे शून्य दबाव करके ही खोला जा सकता है, अगर भट्टी के कंप्रेसर को शून्य दबाव किये बिना खोला जाता है तो इजेक्टर से तीव्र गति से आग विशाल बवंडर के साथ बाहर आती है।
बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात लगभग 10 बजे जब फैक्ट्री के कामगार काम कर रहे थे तब कंप्रेसर भट्टी चालक ने गलती से आग के दबाव को बिना शून्य किये इजेक्टर खोल दिया जिससे तीव्र गति से आग का बवंडर बाहर आया जिससे भट्टी के सामने काम कर रहे ग्राम गाजनडोह के 36 वर्षीय मंगलू यादव पिता भोजे यादव सहित अन्य दो मजदूर झुलस गये जिन्हें छिन्दवाड़ा के आनंद अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार शुरू कराया गया।
मगलू यादव का शरीर बुरी तरह आग में झुलसा
मंगलू यादव का शरीर अत्यधिक मात्रा में आग में झुलस जाने एवं हालत गंभीर होने के कारण उसे नागपुर रेफर कर दिया गया दो अन्य घायल में से एक को मरहम पट्टी कर डिस्चार्ज कर दिया गया वही दूसरे घायल का इलाज वर्तमान तक आनंद अस्पताल में जारी है।
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नागपुर के निजी अस्पताल में चल रहा था इलाज
मंगलू यादव का ईलाज नागपुर के निजी अस्पताल ब्राइट में चल रहा है परिजनों ने बताया कि फैक्ट्री मालिक ने मंगलू यादव को भर्ती करते समय अस्पताल में 80 हजार रुपए जमा किये गये थे घायल के पूरे शरीर में पट्टी बांध कर ऑक्सीजन लगाकर इलाज शुरू कर दिया गया था फिर अस्पताल द्वारा 1लाख 25 हजार रूपये जमा करने को कहा जिसपर फैक्ट्री मालिक नरेश पिपले पैसे जमा करने में लेटलतीफी हीलाहवाला किया जा रहा है।
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समय पर रुपये जमा न करने पर हटाया ऑक्सीजन मास्क
रुपये समय पर जमा नहीं किए जाने से अस्पताल प्रबंधन द्वारा घायल का ऑक्सीजन मास्क हटा कर ईलाज बंद कर दिया गया था जिसपर परिजनों ने डॉक्टर से कहासुनी कर तथा रूपये जमा करा देने का कहकर ईलाज शुरू करा दिया। परन्तु गुरुवार की शाम तक बार बार फोन करने पर भी फैक्ट्री मालिक द्वारा अस्पताल में घायल मरीज के ईलाज के लिये रूपये जमा नहीं कराये गये हैं जिससे घायल मरीज के परिजन परेशान हैं।
