

Chhatarpur Jatashankar Dham : छतरपुर जिले में लगातार हो रही झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित है, लेकिन प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल जटाशंकर धाम का प्राकृतिक सौंदर्य और भी निखर गया है। बारिश के बाद पूरा धाम पानी से सराबोर नजर आ रहा है। पहाड़ियों से गिरता पानी, झरनों का बहाव और कुंडों में बढ़ता जलस्तर यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
जटाशंकर धाम बुंदेलखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। प्राकृतिक पहाड़ियों के बीच स्थित यह धाम भगवान शिव को समर्पित है। श्रद्धालु इसे 'बुंदेलखंड का केदारनाथ' भी कहते हैं। यहां सालभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
लगातार बारिश के बाद जटाशंकर धाम का प्राकृतिक स्वरूप बेहद मनमोहक हो गया है। ऊंची पहाड़ियों के बीच से बारिश का पानी तेज धाराओं के रूप में नीचे उतर रहा है और कुंडों तक पहुंच रहा है। चारों तरफ फैली हरियाली और पानी की कलकल करती धाराएं यहां आने वाले लोगों को आकर्षित कर रही हैं।
बारिश के बाद जटाशंकर धाम में मौजूद प्राकृतिक कुंडों का जलस्तर बढ़ गया है। चट्टानों के बीच से बहता पानी और पहाड़ियों से गिरते झरने किसी खूबसूरत प्राकृतिक चित्र की तरह नजर आ रहे हैं। इस मनोरम दृश्य को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी लोग जटाशंकर धाम पहुंच रहे हैं।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार जटाशंकर धाम की पहाड़ियों पर कई तरह की दुर्लभ जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं। बारिश का पानी प्राकृतिक रूप से पहाड़ियों से होकर बहता हुआ यहां बने कुंडों तक पहुंचता है। यही वजह है कि मानसून के दौरान इस क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और भी खास हो जाता है।
बारिश और जलधाराओं के बीच श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन कर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि बारिश के मौसम में जटाशंकर धाम का स्वरूप पूरी तरह बदल जाता है। यहां धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति के अद्भुत रूप का अनुभव भी होता है।
हालांकि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र में फिसलन के साथ कई जगह तेज जलप्रवाह भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जलधाराओं, कुंडों और गहरे पानी के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। फिलहाल बारिश ने जटाशंकर धाम को हरियाली और जलधाराओं से सजा दिया है और यहां का मनोरम दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।