नवभारत से बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री- छुआछूत और नशे के खिलाफ जनजागृति के लिए निकाली सनातन एकता रथयात्रा

Bageshwar Dham Sarkar : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नवभारत से चर्चा में सनातन एकता रथयात्रा का उद्देश्य बताया। बुंदेलखंड में यात्रा के जरिए छुआछूत, भेदभाव और नशे के खिलाफ जनजागृति का संदेश दिया।
Dhirendra Krishna Shastri speaks to Navbharat about the Sanatan Ekta Rath Yatra
धीरेंद्र शास्त्री ने नवभारत से की बातफोटो सोर्स- नवभारत
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Highlights:

  • धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नवभारत से खास चर्चा में रथयात्रा का उद्देश्य बताया।

  • बुंदेलखंड के पांच जिलों में पांच दिन के दौरान करीब 500 किलोमीटर की यात्रा हुई।

  • छुआछूत, भेदभाव और नशे के खिलाफ लोगों को शपथ दिलाई गई।

  • धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि समाज में बदलाव के लिए विचार परिवर्तन जरूरी है।

  • यात्रा के दौरान कई जगहों पर बड़ी संख्या में लोग जुड़े और समर्थन दिया।

Dhirendra Krishna Shastri Sanatan Ekta Rath Yatra : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पांच दिवसीय सनातन एकता रथयात्रा का आज समापन हो रहा है। बुंदेलखंड के पांच जिलों में करीब 500 किलोमीटर का सफर तय करने वाली इस यात्रा के दौरान जनजागृति, सामाजिक भेदभाव और नशे के खिलाफ संदेश दिया गया। यात्रा के पांचवें दिन धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नवभारत से खास चर्चा में इसके उद्देश्य और लोगों से मिले समर्थन के बारे में बात की।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह रथयात्रा जनजागृति और वैचारिक परिवर्तन के उद्देश्य से निकाली गई। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए सबसे पहले विचारों में परिवर्तन जरूरी है। जब समाज की सोच बदलेगी, तभी समाज में परिवर्तन आएगा और इसका असर राष्ट्र पर भी पड़ेगा।

बुंदेलखंड की दो कुरीतियों के खिलाफ दिलाई शपथ

यात्रा के उद्देश्य के बारे में बात करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बुंदेलखंड में छुआछूत, भेदभाव और नशे को प्रमुख सामाजिक समस्याएं बताया। उन्होंने कहा कि इन दोनों विषयों पर लोगों को जागरूक करने के साथ शपथ भी दिलाई गई। यात्रा के दौरान पांचों जिलों में बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़े और सामाजिक कुरीतियों को छोड़ने का संकल्प लिया।

पांच दिन में पांच जिले और 500 किलोमीटर की यात्रा

सनातन एकता रथयात्रा बुंदेलखंड के पांच जिलों से होकर गुजरी। पांच दिनों तक चली इस यात्रा में करीब 500 किलोमीटर का सफर तय किया गया। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुताबिक, यात्रा का मकसद केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना नहीं, बल्कि लोगों के बीच सामाजिक एकता और विचार परिवर्तन का संदेश पहुंचाना था।

सड़कों पर इंतजार करते रहे लोग

यात्रा को मिले जनसमर्थन पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि लोगों का प्यार और स्नेह अद्भुत रहा। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर हजारों लोग सड़कों पर यात्रा का इंतजार करते रहे और इसमें शामिल होते गए। उन्होंने यात्रा के दौरान लोगों के उत्साह और सहभागिता को खास बताया।

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छतरपुर में होगा रथयात्रा का समापन

पांचवें दिन सनातन एकता रथयात्रा का समापन छतरपुर में होगा। यात्रा के अंतिम पड़ाव पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर जनजागृति और वैचारिक बदलाव के उद्देश्य को रेखांकित किया। उनके अनुसार, समाज में छुआछूत, भेदभाव और नशे जैसी कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करना ही इस पांच दिवसीय अभियान का प्रमुख उद्देश्य रहा।

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