

Highlights:
बुरहानपुर में 151 मीटर लंबी चुनरी यात्रा ने 24 किलोमीटर का सफर तय किया।
आयोजकों के मुताबिक, करीब 25 हजार श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए।
उड़ते हनुमानजी की झांकी, हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और रोबोटिक झांकियां रहीं मुख्य आकर्षण।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और धर्मगुरु दादा गुरु ने भी यात्रा में भाग लिया।
Burhanpur Chunri Yatra : बुरहानपुर में मां इच्छादेवी की चुनरी यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। 151 मीटर लंबी चुनरी लेकर निकली इस पदयात्रा में उड़ते हुए हनुमानजी की झांकी, हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और रोबोटिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। फव्वारा चौक स्थित श्री नवदुर्गा मंदिर से शुरू हुई यात्रा 24 किलोमीटर का सफर तय कर इच्छापुर स्थित मां इच्छादेवी मंदिर पहुंची। आयोजकों ने यात्रा में करीब 25 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने का दावा किया। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और धर्मगुरु दादा गुरु भी यात्रा में शामिल हुए।
भाजपा युवा नेता एवं सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र दिनकरराव पाटिल के नेतृत्व में दादा मित्र मंडल ने प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार चुनरी पदयात्रा का आयोजन किया। बुरहानपुर-खंडवा संसदीय क्षेत्र की खुशहाली, समृद्धि और विकास की कामना के साथ निकली इस यात्रा में श्रद्धालु मां इच्छादेवी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। 151 मीटर लंबी चुनरी के साथ निकली यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता देखने को मिली। यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने में पूर्व महापौर एवं यात्रा प्रभारी अनिल भोसले की भूमिका रही।
बुरहानपुर में चुनरी यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक का भी संगम देखने को मिला। उड़ते हुए हनुमानजी की झांकी, हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और रोबोटिक झांकियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। रास्ते में इन आकर्षक प्रस्तुतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। महाराष्ट्र से आए ढोल पथक ने भी अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। जयकारों और ढोल की गूंज के बीच श्रद्धालु मां इच्छादेवी के दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे।
आयोजकों के अनुसार, शारदीय नवरात्र के दौरान पिछले 12 वर्षों से चुनरी यात्रा निकाली जा रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों और भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। गजेंद्र पाटिल ने कहा कि मां इच्छादेवी के आशीर्वाद से 40 लोगों के साथ शुरू हुआ यह आयोजन आज करीब 25 हजार श्रद्धालुओं की सहभागिता तक पहुंच गया है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जुड़ने का आह्वान किया।
यात्रा में शामिल सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने इसे आस्था का सैलाब बताया और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में युवाओं की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि एक ओर ऐसे लोग हैं, जो भड़काने का काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर युवा धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को संस्कृति के रास्ते पर चलने का संदेश दे रहे हैं। यात्रा में धर्मगुरु दादा गुरु की मौजूदगी भी रही।