छतरपुर में एंबुलेंस का 3 घंटे इंतजार; प्रसूता को खाट पर लिटाकर दो किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हुए ग्रामीण

Chhatarpur Ambulance Delay: छतरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल, बक्सवाहा के पडसिला में 3 घंटे तक नहीं पहुंची जननी एक्सप्रेस, परिजनों को प्रसूता को खाट पर लिटाकर दो किमी पैदल चलना पड़ा।
pregnant woman carried on cot after three hour ambulance wait in Chhatarpur
छतरपुर में प्रसूता को खाट पर अस्पताल पहुंचाने को मजबूर ग्रामीण(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Chhatarpur Ambulance Negligence Case: छतरपुर जिले के बक्सवाहा विकासखंड की ग्राम पंचायत निमानी के मझरा टोला पडसिला से स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। यहां प्रसव पीड़ा से जूझ रही 30 वर्षीय सुनीता भिलाला को अस्पताल पहुंचाने के लिए जननी एक्सप्रेस और एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन करीब 3 घंटे इंतजार के बाद भी वाहन गांव तक नहीं पहुंचा।

इसके बाद ग्रामीणों को मजबूरी में प्रसूता को खाट पर लिटाकर पैदल मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा।

प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को खाट पर ले गए ग्रामीण

शनिवार को सुनीता भिलाला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजनों और ग्रामीणों ने उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए जननी एक्सप्रेस को सूचना दी। ग्रामीणों के मुताबिक, काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। गांव तक पहुंचने वाला कच्चा रास्ता बारिश के कारण कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया था। ऐसे में वाहन के गांव तक पहुंचने में परेशानी बताई गई।

2 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा, फिर निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया

एंबुलेंस का इंतजार लंबा होने के बाद ग्रामीणों ने सुनीता को खाट पर लिटाया और करीब 2 किलोमीटर तक पैदल मुख्य मार्ग तक लेकर पहुंचे। इसके बाद निजी वाहन की मदद से प्रसूता को अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती तो गर्भवती महिला को इस तरह खाट पर लेकर पैदल जाने की नौबत नहीं आती। ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर और स्थानीय विधायक से भी मदद की गुहार लगाई थी।

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सीएचएमओ ने माना- एंबुलेंस की लापरवाही, कार्रवाई की बात

मामला सामने आने के बाद मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी (सीएचएमओ) ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इसे 108 एंबुलेंस की लापरवाही माना है। सीएचएमओ के अनुसार, गांव में कीचड़ होने के कारण एंबुलेंस के पहुंचने में दिक्कत थी, लेकिन जब ग्रामीण मुख्य सड़क तक पहुंच गए थे, तब भी उन्होंने एंबुलेंस को तीन बार फोन किया। कॉल से संबंधित ऑडियो भी उनके पास मौजूद होने की बात कही गई है।

एमडी एनएचएम को लिखा पत्र, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई

सीएचएमओ ने बताया कि मुख्य सड़क तक पहुंचने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंचना गंभीर लापरवाही है। इस मामले में उन्होंने छतरपुर जिले के मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एमडी एनएचएम) को पत्र लिखकर संबंधित एंबुलेंस कर्मचारी और मामले में शामिल अन्य स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन परिवहन व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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